रायबरेली। डीफार्मा के छात्र आदित्य प्रताप सिंह उर्फरवि सिंह की हत्या और सात हत्या आरोपियों को जेल भेजने के बाद बुधवार को डीएम के आदेश के बाद रतापुर स्थित सोमू ढाबा और नरेश होटल पर बुलडोजर गरजा।
दोनों ही चर्चित होटलों के रोड वाइंडिंग पर हुए निर्माण को ढहाया गया। अवैध रूप से बनवाए गए प्रसाधनों को भी तोड़वा दिया गया। होटलों के अवैध भाग को गिराने के बाद आरडीए (रायबरेली विकास प्राधिकरण) की टीम ने सोमू ढाबा व नरेश होटल को सील कर दिया।
करीब चार घंटे तक चले अभियान के दौरान कुछ लोगों ने विरोध का प्रयास भी किया, लेकिन भारी पुलिस बल की तैनाती के कारण लोग ज्यादा विरोध नहीं कर सके।
मिलएरिया थाना क्षेत्र के रतापुर स्थित सोमू ढाबे में 9 अक्तूबर की रात छात्र आदित्य प्रताप सिंह और उसके दोस्तों की पिटाई और उसके बाद हरचंदपुर थाना क्षेत्र में महराजगंज रोड पर गढ़ी खास गांव के पास आदित्य का शव बरामद होने के बाद हत्याकांड ने तूल पकड़ लिया।
हत्या आरोपियों पर पुलिस की कार्रवाई के साथ ही डीएम नेहा शर्मा ने होटल के भवन की जांच करके कार्रवाई के आदेश दिए थे। डीएम के आदेश पर सोमवार को एसडीएम सदर शशांक त्रिपाठी की टीम ने रतापुर पहुंचकर सोमू ढाबे और नरेश होटल के साथ ही आसपास की जमीन की जांच की।
हाईवे की जमीन पर दोनों ही होटलों का कुछ भाग पाया गया। इस पर बुधवार को होटलों के अवैध भाग को गिराने के लिए जिले के सभी थानों की पुलिस व पीएसी के साथ एसडीएम सदर शशांक त्रिपाठी, सीओ महराजगंज विनीत सिंह, सीओ सिटी गोपी नाथ सोनी व अन्य अधिकारी रतापुर पहुंचे। सुबह नौ बजे से अतिक्रमण को हटाने का काम शुरू किया गया।
सोमू ढाबे के आगे निर्मित करीब एक मीटर अवैध निर्माण का गिराया गया। इसके अलावा नरेश होटल में भी आगे के अवैध निर्माण को तोड़ दिया गया। इसी होटल में अमावां रोड पर बने प्रसाधनों व अन्य अतिक्रमण को प्रशासन ने हटवा दिया।
आरडीए के जेई धनेश कुमार, सुनील कुमार त्यागी महेंद्र शर्मा आदि की टीम ने सोमू ढाबा व नरेश होटल को सील कर दिया। आरडीए के सचिव एके राय ने बताया कि दोनों ही होटलों के संचालकों को पूर्व में ही नोटिस दिया गया था, लेकिन जवाब नहीं दिया गया था।
सोमू ढाबे का मैप भी पास नहीं कराया गया था। दोनों ही होटलों को सील करवा दिया गया है। अधिवक्ता अरविंद कुमार यादव ने बताया कि नरेश स्वीट्स के निर्माण के कुछ भाग को प्रशासन ने गिरवाने की कार्रवाई की है, जो गलत है।
मामले में स्टे है और विशेष अपील हाईकोर्ट में विचाराधीन है। रतापुर चौराहे पर नरेश होटल से सटे एक छोटे मंदिर को भी गिराया गया है। इस मंदिर में स्थापित बजरंगबली की मूर्ति को सुरक्षित निकलवाकर मंदिर में रखवाया गया है।
इस मूर्ति को सुरक्षित निकालने में ही प्रशासन को काफी समय लग गया। एसडीएम सदर शशांक त्रिपाठी ने बताया कि चार फुट ऊंचे मंदिर में बजरंगली की मूर्ति रखी थी। मूर्ति को सुरक्षित निकलवाया गया है।
मिलएरिया थाने के मंदिर में मूर्ति की स्थापना कराई जाएगी। इसके लिए पुजारी को बुलाया गया है। लखनऊ-प्रयागराज हाईवे पर रतापुर में अतिक्रमण को हटाए जाने के कारण लोग कई घंटे जाम की चपेट में रहे।
अमावां की ओर जाने वाले बड़े वाहनों को रोक दिया गया। साथ ही भीड़ अधिक होने के कारण लखनऊ और प्रयागराज की ओर से आने वाले ट्रैफिक को भी जाम में फंसना पड़ा। एक बजे के बाद आवागमन पूरी तरह से बहाल हो सका।
डीएम नेहा शर्मा ने बताया कि सोमू ढाबा व नरेश होटल का एनएच की जमीन पर जो भी अतिक्रमण पाया गया था, उसे ही हटवाया गया है। आरडीए से मैप पास न होने के कारण आरडीए की टीम ने दोनों ही होटलों को सील भी किया है।
होटलों के संचालकों को अपनी बात कहने के लिए दो दिन का समय दिया गया था। साथ ही रतापुर में दो बीघे के तालाब पर बनी मार्केट व अन्य दुकानों को भी जल्द ही हटवाया जाएगा।