रायबरेली। रोक के बाद भी खेतों में पराली जलाई गई तो संबंधित पंचायतों के प्रधान जिम्मेदार होंगे। डीएम वैभव श्रीवास्तव ने जिले के सभी 989 ग्राम पंचायतों के प्रधानों को अल्टीमेटम दिया है कि खेतों में पराली जताई गई तो आगामी पंचायत चुनाव में उनको अदेय (नो ड्यूज) प्रमाणपत्र व चरित्र प्रमाणपत्र नहीं दिया जाएगा।
साथ ही उनके नाम जारी शस्त्र लाइसेंस को निरस्त कर वित्तीय अधिकारों को भी सीज किया जाएगा। पूर्व में जारी हैसियत प्रमाणपत्र को अप्रभावी माना जाएगा। डीएम ने सभी प्रधानों को पराली जलाने वाले किसानों की सूचना अधिकारियों को देने के आदेश दिए गए हैं।
जिले के 30 से अधिक गांवों में पराली जलाने के मामले में किसानों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। सचिवों का वेतन भी रोका जा चुका है और प्रधानों को नोटिस भी दिए गए हैं। अब मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने खंड विकास अधिकारियों के माध्यम से सभी 989 ग्राम प्रधानों को नोटिस दिया है।
इसमें प्रधानों को किसानों को पराली न जलाने के प्रति जागरूक करने और पराली जलाने वाले किसानों की सूचना लेखपालों या अन्य कर्मचारियों को देने के आदेश दिए हैं। ऐसा न करने और बाद में मामला पकड़ में आने पर प्रधान इसके लिए पूरी तरह से जिम्मेदार होंगे।
उनको आगामी पंचायत चुनाव में अदेय (नो ड्यूज) प्रमाणपत्र व चरित्र प्रमाणपत्र नहीं दिया जाएगा। उनके नाम जारी शस्त्र लाइसेंस को निरस्त कर वित्तीय अधिकारों को भी सीज किया जाएगा और पूर्व में जारी हैसियत प्रमाणपत्र को अप्रभावी माना जाएगा।
डीएम की ओर से सभी प्रधानों को नोटिस दिया गया है। पराली जलाए जाने पर प्रधान जिम्मेदार होंगे। चुनाव में प्रधानों को नो ड्यूज नहीं दिया जाएगा। शस्त्र लाइसेंस व हैसियत प्रमाणपत्र निरस्त करने के साथ ही वित्तीय अधिकार सीज किए जाएंगे।- उपेंद्रराज सिंह, डीपीआरओ