रायबरेली। शिवगढ़ के ग्राम शुक्लन का पुरवा मजरे दहिगवां में वर्ष 2016 में विवाहिता की हत्या के मामले में कोर्ट ने पति को दोषी मानते हुए उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इस मामले में विवाहिता के सास ससुर को पहले ही बरी कर दिया गया था।
वर्ष 2016 में ग्राम शुक्लन का पुरवा मजरे दहिगवां निवासी विनोद कुमार यादव की पत्नी की संदिग्ध हालत में मौत हो जाती है। पहले मामला दहेज उत्पीड़न में दर्ज होता है लेकिन पुलिस छानबीन के बाद मामलेे को दहेज हत्या में परिवर्तित कर दिया जाता है। पुलिस विवेचना को एडीजे द्वितीय की कोर्ट में पेश करती है।
सुनाई के दौरान मामले में विनोद कुमार यादव के पिता राज कुमार व मां राजरानी को साक्ष्यों के अभाव के चलते बरी कर दिया जाता है। कोर्ट ने विनोद कुमार को दोषी पाया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 10 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया।