रायबरेली। अब शहरवासियों को हाउस टैक्स जमा करने के लिए लाइन नहीं लगानी पड़ेगी। नगर पालिका परिषद इसी माह टैक्स वसूली की प्रक्रिया को ऑनलाइन करने जा रहा है। टैक्स बिल पर क्यूआर कोड होगा। लोग घर बैठे ऑनलाइन टैक्स जमा कर सकेंगे। पालिका के अफसरों का कहना है कि यह सुविधा प्रदेश के अन्य किसी भी जिले में नहीं है। रायबरेली से इसकी शुरुआत होने जा रही है।
नगर पालिका परिषद रायबरेली के 34 वार्डों में ढाई लाख आबादी रहती है। करीब 45 हजार मकान और व्यावसायिक प्रतिष्ठान हैं। नगर पालिका में तैनात 11 संग्रह अमीन और दो राजस्व निरीक्षकों के माध्यम से हाउस टैक्स का बिल लोगों के घर तक पहुंचाया जाता है। टैक्स जमा करने के लिए उन्हें पालिका दफ्तर आना-जाना पड़ता है। कभी अधिकारियों के न मिलने से निराशा हाथ लगती है तो कभी कंप्यूटर में नेटवर्क की समस्या रहती है।
ऐसे में कई बार दफ्तर के चक्कर लगाने पर टैक्स जमा कर पाते हैं। अब व्यवस्था में बदलाव होने जा रहा है। पालिका कर्मियों की ओर से नागरिकों के घर जाने वाले टैक्स बिल पर क्यूआर कोड होगा। इसकी मदद से लोग घर बैठे ऑनलाइन टैक्स जमा कर सकेंगे।
शहर में पहले ही स्वकर प्रणाली है लागू
नगर पालिका ने पहले ही शहर में स्वकर प्रणाली लागू कर रखी है। इसके तहत नागरिकों को स्वयं तय करना होता है कि उनका सालाना हाउस टैक्स कितना हुआ। इसके बाद संग्रह अमीन व राजस्व निरीक्षक घरों में जाकर जांच करते हैं कि नागरिकों की ओर से जो टैक्स निर्धारित किया है, वह सही है या नहीं। इसके बाद नागरिकों से टैक्स जमा कराया जाता है। अब टैक्स जमा करने की ऑनलाइन सुविधा होने से नागरिकों की राह और आसान होगी।
वसूली को सात करोड़ 87 लाख टैक्स निर्धारित
शासन की तरफ से इस साल नगर पालिका को सात करोड़ 87 लाख टैक्स वसूलने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके सापेक्ष अब तक आठ करोड़ 42 लाख टैक्स वसूला जा चुका है। जाहिर है कि लक्ष्य से ज्यादा टैक्स वसूल लिया गया है। टैक्स वसूली अभियान से जुड़े अफसरों का मानना है कि वसूली अभियान बेहतर होता है तो उस धनराशि से शहर का विकास तेजी से होता है।
इसी महीने से शुरू होगी सुविधा
जून में टैक्स जमा करने की ऑनलाइन सुविधा शुरू हो जाएगी। बैंक आफ बड़ौदा के अधिकारियों से नई सुविधा को लागू करने को लेकर बातचीत हो गई है। नागरिकों के घरों पर जाने वाले बिल पर क्यूआर कोड दर्ज होगा, जिससे वह घर बैठे ऑनलाइन टैक्स जमा कर सकेंगे। प्रदेेश में ऐसी सुविधा और किसी जिले में नहीं है।
- ललितेश कुमार सक्सेना, कर निर्धारण अधिकारी