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वेंटीलेटर लगवा दिए पर चलाने के बारे में सोचा ही नहीं, ऑपरेटर की कमी से बढ़ी परेशानी

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रायबरेली। दो साल से धूल खा रहे 10 वेंटिलेटर जिला अस्पताल में इंस्टाल तो करवा दिए गए, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने वेंटिलेटर को चलवाने के बारे में सोचा तक नहीं।
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यहां आईसीयू को शुरू कराने के लिए ऑपरेटरों के साथ ही अन्य मेडिकल संसाधनों की किल्लत है। ऐसी स्थिति में मरीजों को भर्ती करने का काम जल्द शुरू होने की उम्मीद नहीं है। वेंटिलेटर चलाने के लिए ऑपरेटर न होने से ये मरीजों के किसी काम के नहीं हैं।
जिला अस्पताल में 10 बेड के पीडियाट्रिक आईसीयू के लिए जुलाई 2018 में ही भवन बनकर तैयार हो गया था। वेंटिलेटर भी यहां आ गए थे। अमर उजाला ने 21 अप्रैल के अंक में ‘यहां धूल खा है 10 वेंटिलेटर’ शीर्षक से खबर प्रकाशित कर स्वास्थ्य इंतजाम की पोल खोली थी।
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इसके बाद डीएम के निर्देश पर अस्पताल प्रशासन ने आननफानन में वेंटिलेटर इंस्टाल करवा दिए। खास बात यह है कि वेंटिलेटर लगा दिए गए हैं, लेकिन इन्हें चलाने के लिए अस्पताल के पास एक भी ऑपरेटर नहीं हैं।
करीब पांच वेंटिलेटरों को मरीजों को भर्ती करने लायक बनाने के लिए मेडिकल सामग्री की भी कमी है। अस्पताल प्रशासन अब तक वेंटिलेटरों का पूरा सामान भी नहीं मंगवा पाया है। एक वेंटिलेटर लीकेज भी है। मरीजों को भर्ती करके लिए डिस्पोजल मेडिकल सामग्री भी नहीं है। ऐसे में ये वेंटिलेटर मरीजों के किसी काम नहीं आएंगे।
जल्द ही भर्ती होंगे ऑपरेटर: सीएमओ
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. वीरेंद्र सिंह का कहना है कि जिला अस्पताल में लगाए गए वेंटिलेटर को चलाने के लिए ऑपरेटरों की भर्ती करनी होगी। इसके लिए जिला अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिया गया है। जल्द ही ऑपरेटरों की भर्ती करवाकर पीडियाट्रिक आईसीयू को संचालित करवाया जाएगा। अन्य कमियों को भी दूर कराने के लिए निर्देशित किया गया है।
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