रायबरेली। शहर क्षेत्र में मलिकमऊ के निकट क्रॉसिंग पर बने ओवरब्रिज के दरक जाने से एक लाख लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं हैं।
बड़े वाहन सवार लोगों को अमेठी, सुल्तानपुर समेत गंतव्य तक पहुंचने में 30 से 40 किमी. की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। ओवरब्रिज पर आवागमन बंद किए जाने से रविवार को मुसाफिर बेहाल दिखे।
जानकारी के अभाव में कुछ लोग तो दरके ओवरब्रिज तक पहुंच गए। उन्हें जब ओवरब्रिज के दरकने की जानकारी हुई तो उन्हें बैरंग लौटना पड़ा।
जिस मार्ग से छोटे वाहन गुजरे, वहां पर जाम की स्थिति रही। बावजूद जाम से राहत दिलाने के लिए कोई पुलिस जवान नजर नहीं आया। उमस भरी गर्मी में लोग पसीने से बेहाल नजर आए।
रायबरेली-टांडा हाईवे स्थित ओवरब्रिज के दरकने के कारण वाहनों का आवागमन पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। इस रास्ते से अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, टांडा समेत आसपास कस्बों और गांवों में रहने वाले करीब एक लाख लोग हर दिन गुजरते हैं।
समस्या यह रही कि जहां पर ओवरब्रिज दरका था वहां पर आवागमन तो बंद था, लेकिन आने वाले लोगों और उन्हें सही जानकारी देने के लिए कोई पुलिस कर्मी तैनात नहीं था। इससे लोग ओवरब्रिज तक पहुंचे और बाद में उन्हें वापस लौटना पड़ा। इस वजह से वहां जाम की स्थिति रही।
भारी वाहनों के लिए रतापुर से मिल एरिया होते हुुए शारदा नहर से या फिर मोहनगंज, मोहनगंज से रतापुर होकर जाने का रूट तय किया गया था। इस रास्ते से जाने से करीब 30 से 40 किमी. की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ी।
कुछ भारी वाहन गोरा बाजार से परशदेपुर होते हुए जायस से अमेठी, सुल्तानपुर की ओर निकले। छोटे वाहनों का सारस चौराहे से फुरसतगंज जाने के लिए आईटीआई, अभयदाता मंदिर होते हुए, फुरसतगंज से सारस चौराहा की तरफ के लिए छोटे वाहन अभयदाता मंदिर से आईटीआई होते हुए जाने का रूट तय किया गया था।
बावजूद इस रूट पर पुलिस जवान नहीं थे। वाहन चालकों को कोई बताने वाला नहीं था कि उन्हें किधर से जाना है। इससे वह भटकते और परेशान नजर आए।
स्थानीय लोगों को भी समस्या झेलनी पड़ी। एक तरफ लोग परेशानी झेलते रहे, वहीं अधिकारी इससे बेखबर रहे। दावा तो किया जा रहा है कि जल्द ओवरब्रिज को ठीक करा दिया जाएगा, लेकिन कहा जा रहा है कि इसके ठीक होने में 15 दिन से ज्यादा लगेंगे।