रायबरेली। ठंड बढ़ने के साथ हार्ट अटैक और सीने में दर्द के मरीज बढ़ गए हैं। शनिवार को सीने में दर्द के 11 मरीजों को भर्ती कराया गया। बुखार और डायरिया के भी 13 मरीज भर्ती कराए गए। ओपीडी में ठंड के बीच 11 सौ से अधिक रोगी इलाज कराने के लिए पहुंचे।
शनिवार को सीने में दर्द बढ़ने के बाद शुभेंद्र (25), मधु (50), झल्लर (74), सुनील (26), भास्कर (43), राम आसरे (70), रूपेश (37), कलावती (64) आदि मरीजाें को भर्ती कराया गया। बुखार और उल्टी दस्त के चपेट में आए रामबली (70), सुधा (15), अनिका (2), शशी (5), विकास (16), केतकी (45), रामवती (65), कृषिका (8), प्रतीक्षा (2), कंचन (28) आदि मरीजों को भर्ती कर इलाज शुरू किया गया।
शनिवार को ओपीडी में बुखार, जुकाम, डायरिया, सीने में दर्द और सांस की समस्या के ज्यादा मरीज पहुंचे। ठंड के कारण बच्चे ज्यादा चपेट में आ रहे हैं। जिला अस्पताल का हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. सलीम का कहना है कि ठंड में अनियंत्रित बीपी व डायबिटीज के कारण रक्त वाहिकाओं के सिकुड़ने का खतरा बढ़ जाता है, जो हृदय के लिए नुकसानदायक होता है।
अक्सर लोग हार्ट अटैक और एंजाइना पेन (सीने में दर्द) में अंतर नहीं समझते हैं। समस्या होने पर तुरंत मरीज को नजदीक के अस्पताल लाकर इलाज शुरू कराएं। देरी के कारण मरीज की हालत बिगड़ सकती है। हृदय रोग संस्थान की इमरजेंसी में महज पांच मिनट में हार्ट अटैक की जांच ईसीजी और ड्राप टेस्ट की सुविधा है।