राबरेली में बुधवार को मांगों को लेकर प्रदर्शन करते स्वास्थ्य कर्मचारी।
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यूपी मेडिकल एंड पब्लिक हेल्थ मिनिस्ट्रीयल एसोसिएशन ने बुधवार सीएमओ कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन कर अपनी आवाज बुलंद की। कर्मचारियों की हड़ताल के कारण स्वास्थ्य विभाग में कामकाज ठप रहा। जरूरी रिपोर्टें शासन को नहीं भेजी जा सकी।
जिला मंत्री अरुण कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि प्रदेश सरकार लिपकीय वर्ग के कर्मचारियों की मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है। वर्षों से मांगे की जा रही हैं, लेकिन शासन ध्यान नहीं दे रहा है। अब मांगे पूरी न होने तक आंदोलन जारी रखा जाएगा। कर्मचारी हक के लिए पीछे नहीं हटेंगे।
धरने में जिलाध्यक्ष रमेश कुमार चौधरी ने कहा कि 18 मई को लखनऊ में सचिवालय तक विरोध रैली निकाली जाएगी। 27 जून से 1 जुलाई तक महानिदेशक कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। यदि जरूरत पड़ी को कामकाज को पूरी तरह से ठप कर दिया जाएगा।
मांगे पूरी न होने पर 6 जुलाई से बेमियादी हड़ताल शुरू कर दी जाएगी। धरने के बाद कर्मचारियों ने कलेक्ट्रेेट पहुंचकर डीएम को ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों के धरने के कारण कामकाज पूरी तरह से ठप रहा।
सीएमओ कार्यालय के अधिकारी-कर्मचारी भी बिना काम के दफ्तर में बैठे रहे। दवाओं के वितरण का काम भी सीएचसी व पीएचसी के लिए नहीं हुआ। अन्य जरूरी रिपोर्टें भी शासन को नहीं भेजी जा सकीं। धरने में फैसल, जिया नकवी, अमित पाल, रुपक श्रीवास्तव, वंदना त्रिपाठी, कमलेश कुमारी, रश्मि सिंह, ममता आदि मौजूद रहे।