विभाग का दावा है कि हड़ताल का असर सरकारी अस्पतालों में नहीं पड़ेगा। क्योंकि दवाओं के पर्याप्त बंदोबस्त हैं। जो भी रोगी अस्पताल आएगा, उसे इलाज का पूरा लाभ मिलेगा। किसी को इधर उधर भटकने की जरूरत नहीं है।
14 अक्तूबर को मेडिकल स्टोर एसोसिएशन ने दवा दुकानों को बंद रखने का ऐलान किया है। दिन भर दुकानें बंद होने के कारण लोगों को दवाओं के लिए भटकना पड़ेगा।
हालांकि स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि हड़ताल का असर सरकारी अस्पतालों में नहीं पड़ेगा, क्योंकि रोगियों के इलाज के लिए पर्याप्त दवाएं उपलब्ध हैं। जो दवाएं कम भी थी, उन्हें मंगलवार को ही मंगवा लिया गया है।
प्राइवेट डॉक्टरों की क्लीनिकों और निजी चिकित्सालयों में इलाज कराने वाले रोगियों पर हड़ताल का खास असर पड़ेगा। क्योंकि उन्हें मेडिकल स्टोर से ही दवाएं खरीदनी होंगी। हड़ताल के कारण उन्हें दवाएं नहीं मिलेंगी।
शहर में काफी नर्सिंग होम और क्लीनिक संचालित हैं। ऐसे में यहां इलाज कराने वालों को दवा के लिए भटकना पड़ सकता है। हालांकि कई नर्सिंग होम में स्वयं के मेडिकल स्टोर हैं।
ऐसे में देखना यह है कि ये मेडिकल स्टोर खुले रहते हैं या फिर बंद रहते हैं। सीएमओ डॉ. राकेश यादव व सीएमएस डॉ. एनके श्रीवास्तव ने बताया कि मेडिकल स्टोर एसोसिएशन की हड़ताल का असर सरकारी अस्पतालों में नहीं पड़ेगा।
अस्पतालों में दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था करा दी गई है। रोगियों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना होगा। रोगियों का रोज की ही तरह अच्छा इलाज होगा।