शहर के सब्जी मंडी में खरीदारी के लिए उमड़े लोग। संवाद
रायबरेली। शहर के प्रमुख चौराहों पुलिस लाइन, जिला अस्पताल, बस स्टेशन, सुपर मार्केट, घंटाघर, कैपरगंज में करीब 150 पटरी दुकानदार ठेला लगाकर फल बेचने का काम करते हैं। शारदीय नवरात्र से पहले शनिवार को अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू करा देने पर पटरी दुकानदारों में गहरी नाराजगी है।
अमर उजाला ने रविवार को पटरी दुकानदारों से बातचीत की तो उनका दर्द छलक पड़ा। सुपर मार्केट में ठेला लगाने वाले दुकानदार सत्यम सोनकर बताते हैं कि हम लोग 50 साल से ठेला लगा रहे हैं। फल बेचकर परिवार के लिए रोजी-रोटी का इंतजाम करते हैं। बगैर सूचना दिए ही अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू करा दिया गया, जो गलत है।
जिला अस्पताल चौराहा पर ठेला लगाए दुकानदार अंजनी गुप्ता कहते हैं कि हम छोटे दुकानदारों के साथ ही अन्याय क्यों होता है। बड़े होटलों के सामने पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। सड़क पर छोटे से लेकर भारी वाहन खड़े रहते हैं। आवागमन प्रभावित होता है। पुलिस-प्रशासन से सेटिंग होने के चलते उनका कुछ नहीं होता। कमोबेश हर पटरी दुकानदार का यही कहना है।
सदर विधायक अदिति सिंह का कहना है कि पटरी दुकानदारों के साथ किसी तरह का अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। अतिक्रमण हटाओ अभियान के नाम पर दुकानदारों से अवैध वसूली की जा रही थी, जिसका विरोध किया गया। इस तरह की शिकायत आगे भी मिली तो ऐसा करने वालों को सबक सिखाया जाएगा।
जरूरत पर होगा आंदोलन
उत्तर प्रदेश युवा उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष अतुल गुप्ता कहते हैं कि हम सब पटरी दुकानदारों के साथ खड़े हैं। किसी का उत्पीड़न नहीं होगा। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं जिलाध्यक्ष बसंत सिंह बग्गा कहते हैं कि दशकों से दुकानदार ठेला लगाकर रोजी-रोटी का इंतजाम कर रहे हैं। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ कि उनसे अवैध वसूली की जाए। उनका उत्पीड़न हो। उद्योग व्यापार मंडल रायबरेली के प्रदेश महामंत्री पंकज मुरारका कहते हैं कि पटरी दुकानदारों की रोजी-रोटी छीनने का प्रयास किया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर आंदोलन किया जाएगा।
नोटिस जारी, चालान निरस्त : ईओ
नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी स्वर्ण सिंह का कहना है कि पटरी दुकानों पर जुर्माना लगाने वाले राजस्व निरीक्षक राहुल को शोकॉज नोटिस जारी किया गया है। सभी दुकानदारों पर लगाया गया चालान निरस्त कर दिया गया है।