रायबरेली। व्यापारियों के अनुरोध पर दूसरी बार लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) से कराई गई जांच में भी गुरुतेग बहादुर मार्केट जर्जर पाई है। रिपोर्ट पर यकीन करें तो यह मार्केट खतरे से खाली नहीं है। बिल्डिंग के पैरापेट एवं छज्जे अत्यंत क्षतिग्रस्त हैं तो बीम एवं स्लैब की सरिया दिखाई पड़ रही है। ऐसे में पीडब्ल्यूडी ने नगर पालिका परिषद रायबरेली के अधिशासी अधिकारी (ईओ) को पत्र लिखकर भवन की स्ट्रक्चरल सेफ्टी की जांच किसी विशेष संस्थान जैसे कि आईआईटी अथवा केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान नई दिल्ली से कराए जाने की सिफारिश की है।
दरअसल, गुरुतेग बहादुर मार्केट के निर्माण के बाद से आज तक इसकी कोई बड़ी मरम्मत नहीं हुई है। साल 2003 में केवल छज्जों की पुताई कराई गई थी, जो पर्याप्त नहीं थी। लोक निर्माण विभाग की पहली जांच रिपोर्ट में मार्केट जर्जर अवस्था में पाई गई थी। मार्केट की मरम्मत कराने की बात कही थी। नगर पालिका की ओर से मार्केट के ध्वस्तीकरण करने की नोटिस पहुंचने से व्यापारी लामबंद थे। व्यापारियों ने दोबारा मार्केट की जांच पीडल्यूडी से कराए जाने की मांग की थी। नगर पालिका की तरफ से दोबारा मार्केट की मरम्मत कराने का भरोसा दिया था। इस पर व्यापारियों का गुस्सा शांत हुआ था।
प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन महिपाल सिंह की ओर से बीते 16 फरवरी को ईओ को लिखे गए पत्र में कहा गया है कि गुरुतेग बहादुर मार्केट भवन का स्थलीय निरीक्षण किया गया। पाया गया कि बिल्डिंग के पैरापेट एवं छज्जे अत्यंत क्षतिग्रस्त अवस्था में है। तथा कतिपय स्थानों पर बीम एवं स्लैब की सरिया भी दिखाई दे रही है, जिसको विशेष मरम्मत के द्वारा ठीक कराया जा सकता है। भवन की स्ट्रक्चरल सेफ्टी की जांच किसी विशेष संस्थान कराया जाना उचित होगा।
इनसेट
नेट जाल लगवाने का भी दिया था भरोसा
नगर पालिकाध्यक्ष शत्रोहन सोनकर ने व्यापारियों को जर्जर मार्केट को गिरने से बचाने के लिए नेट जाल लगवाने का भरोसा दिया है। पालिकाध्यक्ष का कहना है कि नेट जाल लगवाने से कोई व्यापारी हादसे की चपेट में भी नहीं आएगा। व्यापारियों के साथ आम जनता स्वयं को सुरक्षित महसूस करेगी। नेट जाल लगवाने में करीब 10 लाख रुपये का बजट खर्च आएगा।
इनसेट
मार्केट का होगा मरम्मत कार्य : ईओ
नगर पालिका परिषद रायबरेली के अधिशासी अधिकारी (ईओ) स्वर्ण सिंह का कहना है कि गुरुतेग बहादुर मार्केट का मरम्मत कार्य कराया जाएगा। इसके लिए प्रस्ताव तैयार कराया जा रहा है। व्यापारियों के साथ किसी तरह का अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। उनकी सभी बातों का ख्याल रखा जाएगा।