रेलवे की बदहाल सेवाओं से ऊब चुकी जनता की निगाहें रेल मंत्री के बजट पर टिकी हैं। हर कोई बेहतर सुविधाएं और सुरक्षा चाहता है। ट्रेनों में खास कर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर लोग ज्यादा फिक्रमंद हैं।
रेलवे स्टेशनों पर पेयजल, साफ-सफाई और अधिक टिकट काउंटर खोले जाने की मांग तो पहले से ही है। लोग सबसे बड़ा मुद्दा ट्रेन में महिलाओं की सुरक्षा को मान रहे हैं।
साथ ही इसे और पुख्ता करने की बात कह रहे हैं, जिससे महिलाएं और छात्राएं बिना किसी डर से ट्रेन से सफर कर सकें। अधूरी परियोजनाएं पूरी करने में लोगों का खासा जोर है।
रेल बजट की उम्मीदों को लेकर बुधवार को ‘अमर उजाला’ ने आमजनता की राय जानी तो सभी ने बेबाकी से सुरक्षा और सुविधाओं पर जोर दिया।
रतापुर की रहने वाली गृहणी शशि शर्मा और शिक्षिका रेनू भट्ट ने ट्रेनों में महिला यात्रियों के साथ बढ़ती आपराधिक घटनाओं पर चिंता जताई। कहा कि ट्रेन में महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता मिलना चाहिए।
प्रगतिपुरम के व्यापारी पंकज श्रीवास्तव और सत्य नगर दिनेश ने रायबरेली-महराजगंज-अकबरगंज और ऊंचाहार-सलोन-अमेठी रेल लाइन का काम शीघ्र शुरू कराने की बात कही, जिससे व्यापार करने में आसानी हो।
युवा शिवानी सिंह और प्रिंस कुमार सिंह का कहना है कि उतरेटिया-रायबरेली लाइन के दोहरीकरण के काम में तेजी आनी चाहिए। दोहरीकरण से ट्रेनों का संचालन समय पर हो सकेगा।
लोग संबंधित स्थानों पर जल्दी पहुंच सकेंगे। छात्र-छात्राओं और नौकरीपेशा लोगों को लखनऊ और बछरावां आने-जाने में आसानी होगी।
इंदिरा नगर निवासी उमाकांत और बालापुर के महादेव त्रिवेदी ने जिले के रेलवे स्टेशनों में टिकट काउंटरों की संख्या बढ़ाने की बात कही।
आम नागरिक बोले कि अक्सर टिकट लेने के दौरान धक्कामुक्की में बुजुर्ग यात्री चुटहिल हो जाते हैं। इनके लिए अलग से टिकट घर बनाए जाएं। यही नहीं सभी ने साफ-सफाई और पेयजल व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जताई है।