रायबरेली। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सलोन में प्रसूता की मौत के बाद परिजनों ने परिसर के अंदर शव रखकर जमकर हंगामा किया। देर शाम अस्पताल में हंगामे की सूचना पर सीएचसी अधीक्षक के साथ कोतवाली पुलिस पहुंची। परिजनों के अनुसार इलाज में देरी हुई, आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं जिस कारण महिला की मौत हो गई।
सलोन के धरई गांव निवासी मनोज की पत्नी प्रीति को बृहस्पतिवार शाम प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजनों ने प्रीति को सीएचसी सलोन में भर्ती कराया। शाम को प्रीति ने एक बच्चे को जन्म दिया। परिजनों का आरोप है कि इसी बीच प्रीति की हालत बिगड़ती गई और ब्लीडिंग शुरू हो गई।
देर रात प्रसूता को गंभीर अवस्था में जिला अस्पताल रेफर किया गया लेकिन रास्ते में ही प्रीति की मौत हो गई। मौत से गुस्साए परिजन रात में ही शव लेकर सीएचसी सलोन पहुंचे। इसके बाद अस्पताल के डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर देर रात सीएचसी में हंगामा किया।
सलोन पुलिस और सीएचसी अधीक्षक अमित कुमार सिंह ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया लेकिन परिजन डॉक्टर के विरुद्ध मौके पर ही कार्रवाई को लेकर अड़े रहे। करीब तीन घंटे बाद परिजनों को समझाया जा सका।
सीएचसी अधीक्षक अमित कुमार सिंह ने बताया कि महिला को प्रसव के बाद ब्लीडिंग शुरू हो गई थी उसे तत्काल सीएचसी से जिला अस्पताल रेफर किया गया था। महिला की मौत जिला अस्पताल में हुई है या रास्ते में हुई है, इसकी जानकारी नहीं है। मामले में विभागीय जांच के निर्देश दिए गए हैं।
सलोन कोतवाल शिव शंकर सिंह ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराने को लेकर परिजन तैयार नहीं थे। परिजन पहले आपस में एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे थे। इसके बाद डॉक्टर पर आरोप लगाने लगे। बाद में शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।