विद्युत उपकेंद्र परिसर सरेनी में शुक्रवार को प्रदर्शन करते उपभोक्ता। -स्रोत : ग्रामीण
रायबरेली-सरेनी। जिले में बिजली संकट से लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है। हालात ये हो गए हैं कि अब लोग मजबूर होकर सड़क पर उतरने लगे हैं। शुक्रवार को सरेनी क्षेत्र के ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। सभी ने न सिर्फ उपकेंद्र का घेराव किया बल्कि नारेबाजी करते हुए लो वोल्टेज और कटौती बंद किए जाने की मांग की।
जिले में पांच लाख बिजली उपभोक्ता हैं। इनको 54 विद्युत उपकेंद्रों से बिजली मिलती है। मांग अधिक होने के कारण उपकेंद्रों में लगे उपकरण ओवरलोड हैं। इससे शहर में दिनभर बिजली की आवाजाही रहती है जिससे उपभोक्ता त्रस्त हैं।
ग्रामीण क्षेत्र में 18 घंटे में से महज 10 घंटे ही आपूर्ति मिल रही है। इस दौरान कई बार कटौती होती है। वोल्टेज इतना कम रहता है कि नलकूप ठीक से नहीं चल पाते। ऐसे में किसान धान की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। शुक्रवार को कटौती से खफा उपभोक्ता सरेनी उपकेंद्र पहुंचे और प्रदर्शन किया।
ग्रामीण लक्ष्मीशंकर सिंह, करन सिंह, सुधीर सिंह व भानुप्रताप सिंह ने बताया कि 23 जुलाई को पूरी रात बिजली कटी रही। 24 जुलाई को दिनभर बिजली की आवाजाही लगी रही। इसके पहले भी बिजली समस्या को लेकर शिकायत की गई लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। बिजली न आने से पेयजल संकट गहरा रहा है।
सुशील सिंह, सुंदर, रानू सिंह व संजय ने एसडीओ से रोस्टर के अनुसार बिजली की आपूर्ति कराने की मांग की है। कहा कि जल्द ही आपूर्ति में सुधार न हुआ तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। एसडीओ अतुल कुमार ने बताया कि समस्या दूर कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।