रायबरेली में शनिवार को दीवानी कचहरी में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से आयोजित द्विमासिक राष्ट्रीय लोक अदालत का दीप प्रज्जवलित कर शुभारंभ करते जस्टिस ऋतुराज अवस्थी, जिला जज केके शर्मा व अन्य।
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राष्ट्रीय एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशन में शनिवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से दीवानी कचहरी परिसर में द्विमासिक राष्ट्रीय लोक अदालत लगाई गई। इसका शुभारंभ इलाहाबाद उच्च न्यायालय लखनऊ बेंच के न्यायमूर्ति ऋतुराज अवस्थी ने किया। उन्होंने कहा कि सुलह-समझौते से लंबित मामले निपटाने को लोक अदालत अच्छा माध्यम है। उम्मीद जताई कि इसमें अधिक से अधिक मामले निस्तारित होंगे।
न्यायमूर्ति ऋतुराज अवस्थी ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। राष्ट्रीय लोक अदालत में 6352 मामलों का निस्तारण किया गया। इसमें शमनीय फौजदारी के 1375, मोटर दुर्घटना प्रतिकर के 39, वैवाहिक 41, सेवा संबंधी 152, राजस्व 596 समेत विभिन्न मुकदमे निस्तारित किए गए। वहीं बैंकों के 976 मामले निपटाए गए। कार्यक्रम का संचालन प्राधिकरण सचिव अपर्णा त्रिपाठी ने किया।
इस मौके पर नोडल अधिकारी मो. हुसैन, अन्य न्यायिक अधिकारी व सेंट्रल बार एसोसिएशन अध्यक्ष लक्ष्मी शंकर वाजपेयी मौजूद रहे। इससे पूर्व न्यायमूर्ति के दीवानी कचहरी पहुंचने पर जिला जज केके शर्मा समेत अन्य न्यायिक अधिकारियों ने स्वागत किया। उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश अशोक कुमार ने दंपती के मामले का निस्तारण किया।
डीह क्षेत्र के रतंसीपुर निवासी ऊषा पाल ने पति संतराम निवासी लोधवारी के खिलाफ 24 हिंदू विवाह अधिनियम के प्रार्थना पत्र पर 2 जनवरी 2010 को पारित आदेश के क्रम में दो वाद दाखिल किए थे। इसमें बकाया न देने पर संतराम का मकान व बाइक कुर्क करा ली गई थी। एक दंपती के दोनों मामलों का निस्तारण किया गया। इसी तरह एक अन्य मामले में अशफाक हुसैन व शमीम फातमा के बीच करीब 20 साल से चल रहे किरायेदारी संबंधी वाद का निपटारा सिविल जज सीनियर डिवीजन अपर्णा त्रिपाठी ने किया।