रायबरेली। मॉडर्न रेल कोच फैक्ट्री में पहली बार बने 160 किमी. गति से चलने वाली तेजस ट्रेन के कोचों की पहली रैक को शुक्रवार को एक समारोह में जीएम विनय मोहन श्रीवास्तव ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने बताया कि कारखाने ने तेजस ट्रेन के कोचों को बनाकर फिर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
जीएम ने बताया कि रवाना की गई शयनयान स्मार्ट तेजस रैक में कुल 18 कोच हैं। जिसमें 10 एसी थ्री-टियर, चार एसी टू-टियर, एक फस्ट एसी, एक पैंट्रीकार व दो पॉवरकार हैं। सभी कोच अंडरफ्रेम सहित पूर्णतया स्टेनलेस स्टील से बनाए गए हैं। इनमें कोरोगेटेड साइडवाल का प्रयोग किया गया है।
यात्रियों की सुरक्षा के लिए स्वचालित प्लगडोर व एयरक्राफ्ट की तरह वैक्यूम इवाक्यूवेशन सिस्टम युक्त लेवोटरी का प्रयोग किया गया है। उन्होंने बताया कि आग के धुएं (फायर स्मोक) का पता लगाकर तुरंत सूचना देने वाला यंत्र भी लगाया गया है। इसके अतिरिक्त इन कोचों को बेहतर सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है।
कोचों में यात्रियों की चिकित्सा या सुरक्षा के लिए आपातकालीन टॉक बैक सिस्टम, वीडियो विश्लेषणात्मक आधारित सीसीटीवी सर्विलांस सिस्टम, कोच के अंदर वायु गुणवत्ता की निगरानी के लिए सेंसर तथा स्मार्ट वाटर लेबल सेंसर (जो कोच में पानी कम होने पर अगले वाटरिंग स्टेशन को एसएमएस अलर्ट भेजने में सक्षम है), आदि सुविधाएं सम्मिलित है।
इस मौके पर पीसीएमएम पीएन पांडे, सीएमएम रामनारायण मीणा, संदीप शुक्ला, सीपीआरओ वीके दुबे, सीपीएम मो. सैफ, सीपीई संजय कटियार, डिप्टी सीएमई अनंजय मिश्रा आदि मौजूद रहे।