रायबरेली। घरेलू गैस के रेट में बेतहाशा वृद्धि ने किचेन के बजट को ही बिगाड़ दिया है। मात्र आठ माह में आठ बार गैस सिलेंडर के रेट बढ़ाए गए हैं। बीती एक जनवरी को 694 रुपये में मिकने वाली गैस अब 922.50 रुपये में मिल रही है। आठ माह में 190 रुपये गैस के रेट में तेजी से बढ़ोत्तरी से ग्रहणियों में गहरी नाराजगी है, लेकिन किसी तरह किचेन को चलाना पड़ रहा है। ग्रहणियों के समझ में ही नहीं आ रहा है कि सरकार क्या कर रही हैं। लोगों के लिए गैस जरूरी होने के बाद लोगों को मजबूरन महंगे रेट पर गैस सिलेंडर लेना पड़ रहा है। हालांकि अंदर ही अंदर सभी गुस्सा हैं।
साल खत्म होने तक एक हजार का हो जाएगा सिलेंडर
शहर के छजलापुर की रहने वालीं सपना तिवारी का कहना है कि घरेलू गैस सिलेंडर के रेट में इस साल अब तक सबसे अधिक बढ़ोत्तरी की गई है। उम्मीद से ज्यादा रेट बढ़ाए जाने से बजट बिगड़ रहा है। किसी तरह काम चलाना ही पड़ेगा। सिद्धौर गांव निवासी अलका सिंह का कहना है कि थोड़ा-थोड़ा करके हर महीने गैस के रेट बढ़ाए जाने से किचेन के बजट को झटका लग रहा है। गैस सिलेंडर जरूरी होने के कारण बढ़े रेट में भी गैस लेना पड़ रहा है।
बेहीखोर गांव निवासी विभा सिंह का कहना है कि पहले भी गैस के रेट बढ़े, लेकिन जिस तरह से इस साल रेट बढ़ाए गए हैं, उससे समझ में ही नहीं आ रहा है कि सरकार क्या कर रही है। अब रसोई चलाना है तो महंगी गैस भी लेनी पड़ेगी। अतरहर निवासी प्रियंका अवस्थी का कहना है कि लगता है कि साल खत्म होने तक सिलेंडर का रेट एक हजार को पार कर जाएगा। इससे आम लोगों को ही परेशानी हो रही है।
जिले में वर्तमान समय में 5.81 लाख गैस के कनेक्शन हैं। उपभोक्ताओं को पर्याप्त मात्रा में हर महीने गैस मुहैया कराने की व्यवस्था की जा रही है। हालांकि रेट शासन स्तर से तय होते हैं, लेकिन घटतौली व चोरी को रोकने के लिए अभियान भी लगातार चलाए जा रहे हैं।
विमल कुमार शुक्ला, जिला पूर्ति अधिकारी