डलमऊ (रायबरेली)। गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से अब बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। बुधवार को गंगा नदी का पानी गांवों तक पहुंच गया। कटरी क्षेत्र के गांव नदी के पानी से घिर गए हैं।
लोगों पर पलायन का संकट उत्पन्न हो गया है। एक हजार बीघा धान आदि की फसल बाढ़ के पानी में डूब गई है। चारे की फसल डूबने से मवेशियों को खाने के लिए कुछ नहीं मिल पा रहा है।
वहीं तहसील प्रशासन की बाढ़ से निपटने की तैयारी महज कागजों तक सीमित है। इससे लोगों में नाराजगी है। लोग घर से निकलने में कतराने लगे हैं।
पहाड़ों पर हुई बारिश व बैराजों से छोड़े गए पानी के कारण गंगा नदी का पानी मंगलवार को चेतावनी बिंदु 98.360 मीटर को पार कर गया था। बुधवार को भी नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी होती रही। केंद्रीय जल आयोग डलमऊ के मुताबिक नदी का जलस्तर 98.800 मीटर दर्ज किया गया।
खतरे के निशान 99.360 मीटर से नदी आधा मीटर ही दूर है। नदी का जलस्तर एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। यदि गंगा का पानी इसी वेग से बढ़ता रहा तो जल्द नदी खतरे को निशान को भी पार कर जाएगी।
डलमऊ के कई गांव नदी के निशाने पर
डलमऊ तहसील के कटरी क्षेत्र के बबुरा, जमालनगर, मोहद्दीनपुर, जहांगीराबाद, पूरे रेवती सिंह, चक मलिक भीटी आदि गांवों तक नदी का पानी पहुंच गया। इससे लोगों में दहशत है। इसके चलते ग्रामीण गांव से पलायन करने की तैयारी करने में हैं। ग्रामीण साजन यादव, रामनरेश, जय नारायण, जगमोहन, राम सजीवन, राम बहादुर ने बताया कि प्रतिवर्ष गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण फसलें नष्ट हो जाती हैं।
किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है, लेकिन क्षेत्रीय प्रशासन की ओर से मुआवजा नहीं दिया जाता है। गंगा के जलस्तर में तेजी से हो रही बढ़ोतरी के कारण आसपास क्षेत्र के लगभग एक हजार बीघा धान समेत अन्य फसल डूब गई है। आबादी क्षेत्र में नदी का पानी पहुंच गया है।
उनका कहना है कि अधिकारी गांव आकर निरीक्षण कर लेते हैं और वापस चले जाते हैं। उनकी समस्या पर कोई ध्यान नहीं देता। फसलें डूबने से भारी नुकसान हुआ है। नुकसान का मुआवजा मिलेगा या नहीं, यह पता नहीं। गांव के आसपास नदी का पानी पहुंचने के कारण जहरीले जंतु का डर भी व्याप्त हो गया है।
बाढ़ क्षेत्र का लिया जायजा
उपजिलाधिकारी डलमऊ अंशिका दीक्षित ने क्षेत्रीय लेखपालों के साथ बाढ़ क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने क्षेत्रीय लेखपालों को बाढ़ से फसलों के नुकसान की रिपोर्ट बनाने के निर्देश दिए। तहसीलदार डलमऊ अभिनव पाठक ने बताया कि बाढ़ से निपटने की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। लेखपालों की टीम को तैनात कर दिया गया है। ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर रोकने के लिए व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
राम प्रसाद गांव घिरा, सड़क पर भरा पानी
सरेनी। क्षेत्र में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से लोगों में हाहाकार मचा है। क्षेत्र का पूरे रामप्रसाद गांव चारों ओर से पानी से घिर गया है। निसगर से भक्ताखेड़ा जाने वाली सड़क पर पानी भर गया है। गेंगासो घाट पर बने मंदिर तक पानी पहुंच गया है। नदी में जलस्तर बढ़ोतरी होने से पूरे भुल्ली, पूरे सुकून, पूरे अहिरन आदि गांवों में धान समेत अन्य फसल डूब गई है। खेतों में भरे पानी से मिर्चा, परवल, प्याज धनिया की फसल को भी नुकसान हुआ है।
ग्रामीण रज्जन लाल, भैयालाल, वीरेंद्र, सुरेंद्र का कहना है कि यदि नदी के जलस्तर में कमी नहीं आई तो गांव पानी से डूब जाएंगे। गांव का संपर्क कट जाएगा। तहसीलदार ज्ञान प्रताप सिंह व नायब तहसीलदार चंद्र प्रकाश पांडेय ने बाढ़ क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि लेखपाल अमर सिंह, आनंद कुमार व हरिओम त्रिपाठी, ओमशंकर की टीम लगा दी गई है। यदि किसी के घर में पानी भरता है तो उसे सुरक्षित स्थानों में शिफ्ट करेंगे और खाने का इंतजाम भी करेंगे। फसलों का सर्वे भी कराया जाएगा।