डलमऊ। नरौरा बांध से पानी छोड़े जाने पर सोमवार को गंगा नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु को पार कर गया। अब पानी खतरे के निशान बिंदु की तरफ बढ़ रहा है। इससे कटरी क्षेत्र के रहने वाले ग्रामीण सहमे हुए हैं। धान व तिल की फसलें डूबने से किसान परेशान हैं। केंद्रीय जल आयोग डलमऊ का दावा है कि नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी अभी जारी रहेगी।
गंगा नदी का चेतावनी बिंदु 98.360 मीटर, जबकि खतरे का निशान बिंदु 99.360 मीटर है। अगस्त में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ गया था। करीब 15 दिनों तक गंगा नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव लगा रहा था। इसके बाद जलस्तर में कमी दर्ज की गई थी। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक सुबह नरौरा बांध से नदी में पानी छोड़ा गया। इससे गंगा नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई। नदी का पानी चेतावनी बिंदु को पार कर गया। शाम पांच बजे तक गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान बिंदु के सापेक्ष 98.750 मीटर दर्ज किया गया है।
कटरी क्षेत्र के अंबहा, बबुरा, जमालनगर मोहद्दीनपुर, जहांगीराबाद, पूरे रेवती सिंह, चकमलिक भींटी गांवों के लोगों में दहशत है। जमालनगर मोहद्दीनपुर ग्राम निवासी सुरेंद्र कुमार, महादेव, रामशंकर, सुनील कुमार ने बताया कि पानी गांवों की तरफ बढ़ रहा है। धान, तिल, उड़द की फसलें फिर डूब गई हैं।
एसडीएम सत्येंद्र कुमार का कहना है कि नरौरा बांध से पानी छोड़ने की वजह से गंगा नदी का जलस्तर बढ़ा है। अभी बाढ़ जैसे हालात नहीं हैं। लेखपालों को कटरी क्षेत्र के गांवों में तैनात किया गया है। बाढ़ आने पर ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया जाएगा।
फसल नुकसान का दिया जाए मुआवजा
कटरी क्षेत्र के गांवों में रहने वाले किसान दयाशंकर, महेश यादव बताते हैं कि अगस्त में नदी के पानी से धान, तिल, उड़द की फसलें नष्ट हो गई थीं। इसका मुआवजा अब तक नहीं मिल पाया है। शेष जो फसल खेत में बची थी, अब पानी भरने से वह भी नष्ट हो जाएगी। इसलिए जिला प्रशासन को तत्काल फसल नुकसान का मुआवजा किसानों को दिलाना चाहिए।