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रायबरेली से लेकर लखनऊ तक मच गया था सियासी बवाल

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रायबरेली। उन्नाव दुष्कर्म कांड की पीड़िता के साथ हुए हादसे के मामले में उन्नाव विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को कोर्ट ने बरी कर दिया। इस हादसे के बाद रायबरेली से लेकर लखनऊ तक सियासी बवाल मचा था। स्थानीय पुलिस ने घटना की जांच शुरू की थी, लेकिन मचे सियासी बवाल के बाद सरकार ने इस प्रकरण की जांच सीबीआई से कराई थी। सीबीआई यहां पहुंचकर एक माह तक पड़ताल की थी। घटना से संबंधित पुलिस कर्मियों के बयान भी दर्ज किए थे। हालांकि शुरुआती दौर से ही रायबरेली पुलिस इस घटना का हादसा ही मान रही थी, लेकिन सियासी बवाल के बाद सरकार ने प्रकरण की जांच सीबीआई से कराई थी। बताया जा रहा है कि बाद में सीबीआई की जांच में यह मामला एक्सीडेंट पाया गया था।
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गुरुबख्शगंज थाना क्षेत्र में रायबरेली-लालगंज राजमार्ग (कानपुर हाईवे) पर सुल्तानपुरखेड़ा गांव के मोड़ पर 28 जुलाई 2019 के मोड़ पर हुई थी। घटना में उन्नाव की दुष्कर्म पीड़िता की चाची और मौसी की मौत हो गई थी, जबकि स्वयं पीड़िता और उनका वकील गंभीर रूप से घायल हो गया था। मामला हाईप्रोफाइल होने के चलते रायबरेली से लेकर लखनऊ तक हड़कंप मच गया था। तत्कालीन एसपी सुनील कुमार सिंह के अनुरोध पर विधि विज्ञान प्रयोगशाला लखनऊ के डायरेक्टर से टीम भेजकर जांच कराने की मांग की थी। फोरेंसिक टीम ने कई बिंदुओं पर पड़ताल की थी। जिस समय यह हादसा हुआ था, उस समय गुरुबख्शगंज थानेदार राकेश सिंह रहे।
मामला हाई प्रोफाइल होने के चलते यह मामला काफी तूल पकड़ा था। सियासी बवाल मचा था। पुलिस शुरुआती दौर में ही बता रही थी कि यह एक हादसा है, लेकिन सियासी बवाल के चलते प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के लिए सीबीआई को दे दिया था। सीबीआई की टीम यहां पहुंचकर घटना की पड़ताल की थी। बताते हैं कि सीबीआई की जांच में यह घटना हादसा पाया गया। पीड़ित परिवार घटना के लिए विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को जिम्मेदार ठहरा रहा था। अब विधायक को कोर्ट ने क्लीन चिट दे दी है। इससे जाहिर हो गया है कि रायबरेली में जो घटना हुई थी, वह दुर्घटना थी।
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