रायबरेली। छतोह ब्लॉक के पदमपुर गांव में जांच में अपात्र पाए गए चार लोगों को ब्लॉक के अधिकारियों ने प्रधानमंत्री आवास के लिए पात्र घोषित कर दिया है। आदेश के बाद ही लोगों को दी गई पहली किस्त की वसूली तक नहीं कराई गई। मामले की शिकायत मिलने पर डीएम ने पीडी डीआरडीए को जांच करके कार्रवाई करते हुए जवाब देने के आदेश दिए हैं।
डीएम के गंभीर होने के बाद ब्लॉक के अधिकारियों व कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है। वर्ष 2016-17 में छतोह ब्लॉक के पदमपुर गांव में गरीबों को आवास देने के लिए चयन करके पहली किस्त के रूप में 40-40 हजार रुपये दिए गए थे। बाद में डीएम से शिकायत होने पर तत्कालीन पीडी डीआरडीए ने मामले की जांच की थी।
जांच में पवन, रानू देवी, रानी, विमला को अपात्र घोषित कर दिया गया था। साथ ही छतोह के बीडीओ को धन की रिकवरी कराकर खाते में जमा कराने के आदेश दिए गए थे। बताते हैं कि बाद में ब्लॉक के अधिकारियों ने अपात्र घोषित किए गए लोगों को पात्र बनाकर उनसे पहली किस्त की वसूली तक नहीं कराई।
गांव की बिंदेश्वरी देवी ने डीएम को शिकायतीपत्र देकर आरोप लगाया कि गांव के अपात्र लोगों को पात्र दिखाकर उन्हें पीएम आवास का लाभ दिया गया है। जिले के अधिकारी ने जिन लोगों को अपात्र किया था। उन्हें बाद में ब्लॉक के अधिकारियों ने पात्र कर दिया।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने पीडी डीआरडीए को जांच करके जवाब देने के आदेश दिए हैं। पीडी डीआरडीए प्रेमचंद्र पटेल ने बताया कि डीएम ले जांच के आदेश दिए हैं। जल्द ही जांच कराकर रिपोर्ट डीएम को भेजी जाएगी।