रायबरेली। सेना भर्ती में शामिल होने के लिए अमेठी जाने के इंतजार में अभ्यर्थियों ने शुक्रवार को पूरे स्टेशन परिसर को अपनी चपेट में ले लिया। रेलवे स्टेशन पर एकाएक चार हजार लोगों की भीड़ उमड़ने से अफरातफरी मच गई।
जैसे ही देहरादून से वाराणसी जाने वाली जनता एक्सप्रेस ट्रेन स्टेशन पर रुकी, अभ्यर्थियों की भीड़ उस पर टूट पड़ी। जिसको जिधर से मौका मिला, उसने उधर से ही ट्रेन में चढ़ने के लिए मारामारी की।
भीड़ देखकर एसी कोच के यात्रियों ने गेट बंद रखे, लेकिन जबरन गेट खोलवाकर उसमें भी अभ्यर्थी सवार हो गए। जनता एक्सप्रेस से लगभग ढाई हजार अभ्यर्थी रवाना हुए तो बाकी डेढ़ हजार अभ्यर्थियों ने पंजाब मेल और इंटरसिटी एक्सप्रेस का सहारा लिया।
अमेठी में इन दिनों सेना भर्ती रैली चल रही है। इस भर्ती में 13 जिलों के 81 हजार से अधिक अभ्यर्थी भाग लेंगे। 4 से 17 नवंबर तक चलने वाली भर्ती में 9 नवंबर को रायबरेली और संत कबीर नगर जिलों के 11 हजार से अधिक अभ्यर्थियों को मौका दिया जाना है।
इसीलिए रायबरेली जिले के अभ्यर्थियों की रवानी शुक्रवार को हुई। सुबह 9.30 बजे देहरादून से वाराणसी को जाने वाली गाड़ी संख्या 14266 जनता एक्सप्रेस ट्रेन के आने का समय निर्धारित है।
इसीलिए अभ्यर्थियों की भीड़ सुबह 8.30 बजे से ही जुटने लगी, लेकिन यह गाड़ी तीन घंटे की देरी से दोपहर लगभग 12.30 बजे यहां पहुंची। ट्रेन के आने का संकेत मिलते ही हंगामा मचने लगा।
प्लेटफार्म नंबर दो पर जहां अभ्यर्थियों की भीड़ धक्कामुक्की करने लगी, वहीं प्लेटफार्म नंबर एक के ट्रैक पर भी अभ्यर्थियों का मेला लग गया। रेलवे स्टाफ ने अभ्यर्थियों को दूर रखने की कोशिश की, ताकि कोई ट्रेन की चपेट में न आने पाए।
जैसे ही ट्रेन की रफ्तार धीमी पड़ी, उसके रुकने से पहले ही अभ्यर्थी टूट पड़े और ट्रेन में चढ़ने लगे। सभी गेटों पर धक्कामुक्की हुई। एसी कोच भी नहीं बचे। इमरजेंसी विंडो खोलकर उससे भी अभ्यर्थी कूद-कूद कर ट्रेन में चढ़ने लगे।
ट्रेन को छूटने का संकेत दिए जाने के बाद भी अफरातफरी मची रही। ट्रेन चलने लगी, फिर भी चढ़ने वाले अभ्यर्थी पीछे हटने को तैयार नहीं थे। पंजाब मेल और इंटरसिटी से भी अभ्यर्थी रवाना हुए।
हड़बड़ी में कहीं कोई हादसा न होने पाए, इसलिए ट्रेनों को तय समय से ज्यादा देर तक स्टेशन पर रोका गया। अमूमन सभी ट्रेनों का स्टॉपेज पांच मिनट तय है, लेकिन जनता एक्सप्रेस, पंजाब मेल और इंटरसिटी एक्सप्रेस को 10 से 15 मिनट तक के लिए रोका गया।
जिससे अभ्यर्थी ट्रेन में आसानी से चढ़ जाएं और खुद को व्यवस्थित कर लें। सेना भर्ती में जाने के लिए अभ्यर्थियों की भीड़ को नियंत्रित रखने के लिए कोई सुरक्षा व्यवस्था नजर नहीं आई।
ट्रेन लेट थी, इस वजह से अभ्यर्थियों का मेला स्टेशन के बाहरी हिस्से और मुख्य सड़क पर लगा रहा। प्लेटफार्म और प्रतीक्षालय भी खचाखच भरा था। जिससे आम यात्रियों को खासी परेशानी हुई।
प्लेटफार्म पर भले ही आरपीएफ और जीआरपी के कुछ सिपाही भ्रमण करते दिखे, लेकिन बाहरी हिस्से में कोई नहीं दिखा। इससे अभ्यर्थी समूह में कभी बाहर तो कभी अंदर हंगामा करते रहे।
ट्रेन के आने का संकेत हुआ तो टिकट चेकिंग स्टाफ ने प्लेटफार्म पर निगरानी की, लेकिन ट्रेन के अंदर जाने की जहमत किसी ने नहीं उठाई। जीआरपी थानाध्यक्ष रवींद्र कुमार पांडेय ने बताया कि भीड़ को देखते हुए स्टेशन परिसर में सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता रही।
स्टेशन अधीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि सेना भर्ती के अभ्यर्थियों की इतनी ज्यादा भीड़ उमड़ने की उम्मीद नहीं थी। जैसे ही भीड़ बढ़ी, सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को मुस्तैद कर दिया गया।
आरपीएफ और जीआरपी ने भी मोर्चा संभाला। ज्यादातर अभ्यर्थियों को जनता एक्सप्रेस से रवाना कर दिया गया। जो अभ्यर्थी छूट गए थे, वे लोग पंजाब मेल और इंटरसिटी से रवाना हुए। कहीं कोई अव्यवस्था नहीं होने पाई। तीनों ट्रेनों से लगभग चार हजार अभ्यर्थी रवाना हुए हैं।