डलमऊ। चेतावनी बिंदु 98.360 मीटर को पार करने के बाद गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान 99.360 की तरफ तेजी से बढ़ रहा है। लाल निशान तक पानी पहुंचने में महज 56 सेमी का फासला बचा है।
कटरी इलाके में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। रास्तों पर पानी भर गया है। इससे ग्रामीणों को प्राइवेट नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। एक हजार बीघा फसल डूब गई है। तहसील प्रशासन का दावा है कि बाढ़ आने पर ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया जाएगा।
इस समय गंगा नदी उफान पर हैं। नदी में पानी छोड़े जाने के कारण जलस्तर हर दिन तेजी के साथ बढ़ रहा है। केंद्रीय जल आयोग डलमऊ के मुताबिक बृहस्पतिवार को नदी का जलस्तर 98.800 मीटर दर्ज किया गया है।
दावा है कि जलस्तर में कमी होने की कोई गुंजाइश नहीं है। ऐसे में जल्द पानी खतरे के लाल निशान तक पहुंच जाएगा। नदी के उफान पर होने से कटरी इलाके के गांव चारों तरफ से पानी से घिर गए हैं।
जमालनगर मोहिद्दीनपुर का आम रास्ता पानी के तेज बहाव में बह गया है। रास्ते में पानी भर जाने के कारण ग्रामीणों को नाव के सहारे आवागमन करना पड़ रहा है। ग्रामीण सोनू त्रिवेदी, महादेव मौर्या, साजन यादव ने बताया कि प्राइवेट नाव की व्यवस्था की गई है। प्रशासन की तरफ से नाव का इंतजाम नहीं किया गया है।
अंबहा व जहांगीराबाद भी पानी से घिर गए हैं। गांव जाने वाले रास्तों पर पानी भरने के कारण ग्रामीणों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
चक मलिक भीटी, पूरे डगरी, पूरे पवारन, बबुरा, पूरे रेवती सिंह गांव के लोगों को बाढ़ का भय सताने लगा है। ग्रामीणों के मुताबिक धान, उड़द समेत एक हजार बीघा फसल पानी में डूब गई है। पशुओं के लिए हरे चारे की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। जीव-जंतुओं का खतरा बढ़ा है। जलभराव होने से संक्रामक बीमारी की चपेट में आने की आशंका है। इलाज के लिए कोई इंतजाम नहीं किया गया है।
एसडीएम डलमऊ प्रीति सिंह ने बताया कि गंगा नदी के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। बाढ़ चौकियां स्थापित करा दी गई हैं। बाढ़ आने पर ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया जाएगा।
ऊंचाहार व सरेनी में भी उफान पर गंगा
ऊंचाहार और सरेनी ब्लॉक क्षेत्र में भी गंगा नदी उफान पर है। कटरी इलाके के लोग बढ़ते जलस्तर से दहशत में हैं। उन्हें चिंता सता रही है कि यदि बाढ़ आ गई तो उनका क्या होगा। फसलें डूब रही हैं। ऊंचाहार के गोकना घाट पर गंगा नदी के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। घाट की सभी सीढ़ियां पानी में डूब गईं हैं। नाव-नाविकों व गोताखोरों को मुस्तैद रहने के लिए कहा गया है। उधर, सरेनी के गेगासो गंगाघाट के चारों तरफ पानी भर गया है। घाट की सीढि़यां डूब गई हैं।