रायबरेली। जिले के लोगों को मच्छरों के प्रकोप से बचाने में स्वास्थ्य विभाग फिसड्डी हो गया है। मच्छरों का प्रकोप बढ़ने के कारण स्क्रब टाइफस के साथ ही अब डेंगू के भी पांच संदिग्ध मरीज मिले हैं।
जिले को मच्छरजनित रोगों से लोगों को बचाने के लिए अब तक दवाओं के छिड़काव का काम पूरा नहीं किया गया है। शासन से लाखों रुपये मिले, लेकिन बजट खर्च हो जाने के बाद भी जागरूकता कार्यक्रम भी नहीं कराया गया।
शहर के घोसियाना, कहारों का अड्डा, इंदिरा नगर, अमर नगर, सत्य नगर सहित किसी भी मोहल्ले में दवाओं का दिड़काव नहीं किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी मच्छरों का प्रकोप है, लेकिन अब तक दवा का छिड़काव नहीं कराया गया है।
यही वजह है कि स्क्रब टाइफस के सात रोगी अब तक मिल चुके हैं। इसमें तीन रोगियों को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कई रोगियों को लखनऊ रेफर भी किया गया है। अब जिला अस्पताल की लैब में डेंगू के भी पांच संदिग्ध रोगी मिले हैं।
जिला मलेरिया अधिकारी ऋतु श्रीवास्तव ने बताया कि जुलाई में नगर पालिका को फॉगिंग के लिए दवा दी गई थी। सभी सीएचसी को भी छिड़काव के लिए दवा दी गई है। संदिग्ध पांच केस डेंगू के भी मिले हैं। उनकी पुष्टि कराई जा रही है।