रायबरेली। विद्युत वितरण खंड ऊंचाहार के अंतर्गत आने वाले विद्युत उपकेंद्रों की हालत पतली है। भीषण गर्मी में उपभोक्ता बिजली संकट से जूझ रहे हैं। यह हाल तब है, जब पांच करोड़ रुपये मरम्मत कार्य में खर्च किया गया है। गर्मी में उपकेंद्रों पर लगे उपकरण हांफ रहे हैं। कहीं केबल जल रही है, तो कहीं उपकेंद्राें में लगे उपकरण खराब हो रहे हैं। यही वजह है कि उपभोक्ताओं को 18 घंटे में महज 10 घंटे बिजली मिल रही है।
विद्युत वितरण खंड ऊंचाहार के अंतर्गत जगतपुर, ऊंचाहार तहसील, ऊंचाहार टाउन, रोहनिया, रसूलपुर, जमुनापुर, इटौरा बुजुर्ग उपकेंद्र हैं। इन उपकेंद्रों से करीब एक लाख से ज्यादा कनेक्शन हैं। गर्मी में लोगाें को भरपूर बिजली मिले, इसके लिए छह महीने पहले उपकेंद्रों की क्षमतावृद्धि और लाइनों का मेंटीनेंस कराने में करीब पांच करोड़ रुपया खर्च किया गया। इसके बावजूद उपभोक्ताओं को बिजली संकट से राहत नहीं मिल पाई। हालत यह है कि एक घंटे भी निर्बाध बिजली नहीं चल पा रही है।
उपभोक्ता राम सिंह यादव, महेंद्र कुमार ने बताया कि बिजली की आवाजाही से परेशानी झेलनी पड़ रही है। वोल्टेज इतना कम रहता है कि बिजली उपकरण काम नहीं कर रहे हैं। ऊंचाहार टाउन, ऊंचाहार देहात, रसूलपुर, जमुनापुर उपकेंद्राें में लगे उपकरण जर्जर हो गए हैं। यही वजह है कि आए दिन खराबी बनी रहती है। उपकरणों की मरम्मत के नाम पर केवल धन का बंदरबाट किया गया है।
कम वोल्टेज के चलते सबमर्सिबल पंप की मोटरें नहीं चल पा रही है। ऊंचाहार के रामसेवक, जियालाल, अविनाश ने बताया कि बिजली कटौती से कारोबार प्रभावित हो रहा है। अक्सर शाम के वक्त बिजली गुल हो जाती है। विद्युत वितरण खंड ऊंचाहार के अधिशासी अभियंता धीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि लोकल स्तर पर कोई बिजली नहीं काटी जाती है। अघोषित कटौती ऊपर से होती है।