रायबरेली। ओमिक्रॉन के खतरे और कोरोना के कहर के बीच सोमवार को जिले में बूस्टर डोज का टीका लगाने का काम शुरू हो गया। पहले दिन 820 बुजुर्गों, हेल्थ व फ्रंटलाइन वर्करों ने सेंटरों पर पहुंचकर बूस्टर टीका लगवाया। इसके अलावा 8500 से अधिक किशोर-किशोरियों और 12 हजार युवकों ने सेंटरों पर पहुंचकर प्रथम डोज का टीका लगवाया। जिले में सोमवार को 13 हजार लोगों को दूसरी डोज दी गई।
शहर में रूटीन सेंटरों के अलावा बूस्टर डोज के लिए पुलिस लाइन में भी एक सेंटर बनाया गया। टीका लगवाने के लिए लोगों की भीड़ देखने को मिली। दिनभर में 35 हजार से अधिक टीके लगाए गए। जिला कोल्ड चेन मैनेजर अनिरुद्ध शुक्ला ने बताया कि पहले चरण में जिले में 25 हजार हेल्थ व फ्रंटलाइन वर्करों के अलावा गंभीर रूप से बीमार छह हजार वृद्धजनों में बूस्टर टीका लगाने का काम शुरू हो गया है।
पहले चरण में गंभीर रूप से बीमार वृद्धजनों को ही बूस्टर टीका लगाया जाना है। शहर के जिला अस्पताल के अलावा पीएचसी गोराबाजार, देवानंदपुर और पुलिस लाइन में सेंटर बनाया गया। जिले में पहले दिन 820 लोगों को बूस्टर टीका लगाया गया। इसके अलावा 8500 से अधिक किशोर-किशोरियों और 12 हजार युवकों में प्रथम डोज का टीका लगाया गया। 13 हजार लोगों ने सेंटरों पर पहुंचकर दूसरी डोज का टीका लगवाया।
सीएचसी दीनशाहगौरा में सोमवार को पहले दिन बूस्टर डोज लगवाने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पहुंचीं। इन्हीं आंगनबाड़ी कार्यकर्तांओं पर कोरोना के कहर के बीच घर-घर जाकर लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की जिम्मेदारी है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ज्ञान प्रकाश सिसौदिया ने बताया कि पूर्व में टीके की दोनों डोज पा चुकीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सोमवार को बूस्टर डोज दी गई। अन्य टीके भी लोगों को लगाए गए।