डीह। तीन दिन पहले बीएलओ के साथ मारपीट कर एसआईआर फर्म फाड़कर तालाब में फेंकने के मामले में बुधवार को नया मोड़ आ गया। आरोपी पक्ष ने भी तहरीर दी है। पुलिस ने दोनों ओर से एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले में बीएलओ और पति पर एफआईआर दर्ज की गई है।
पूरे पंडित मजरे रोखा गांव में आठ दिसंबर को बीएलओ विमलेश कुमारी ने आरोप लगाया था कि वह एसआईआर फार्म की मैपिंग कर रही थीं। इस दौरान गांव की प्रीती तिवारी और मुंडीपुर ऊंचाहार निवासी उनके भाई मनीष आए और पिटाई कर एसआईआर फार्म फाड़कर तालाब में फेंक दिए। पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज की थी।
बुधवार को दूसरे पक्ष से प्रीती तिवारी ने थाने में तहरीर देकर बीएलओ विमलेश कुमारी, उनके पति महेंद्र तिवारी पर मारपीट का आरोप लगाया था। बताया कि बीएलओ ने पति के साथ मिलकर मारपीट की थी। भाई मनीष को मोबाइल पर पूरी जानकारी दी तो उन्होंने डायल 100 पर सूचना देने के कहा था।
आरोप लगते देख बीएलओ ने खुद ही एसआईआर के फॉर्म फाड़कर तालाब में फेंक दिए और झूठा आरोप लगा दिया। प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र मोहन सरोज ने बताया कि प्रीती तिवारी की तहरीर पर बीएलओ और उनके पति पर मारपीट का मामला दर्ज किया गया है।