सतांव। अटौरा बुजुर्ग विद्युत उपकेंद्र से जुड़े उपभोक्ताओं को पर्याप्त बिजली नहीं मिल पा रही है। इसके विरोध में किसानों ने उपकेंद्र में धरना-प्रदर्शन किया। पावर कॉर्पोरेशन के अभियंताओं के खिलाफ नारेबाजी की। किसानों ने कहा कि लोग अघोषित कटौती और लो वोल्टेज की समस्या से परेशान हैं। उपखंड अधिकारी पीएस राणा ने ज्ञापन लेकर समस्याओं के समाधान का भरोसा दिया।
भारतीय किसान विकास एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष नीरज पटेल, आदित्य सिंह, महेंद्र प्रताप सिंह, शीतला प्रसाद, महेंद्र कुमार, सुजीत कुमार, अजय सिंह, अर्जुन, सतीश कुमार, शैलेंद्र कुमार, विजय बहादुर, कालिका प्रसाद और राजू ने बताया कि उपकेंद्र से जुड़े गांवों में बिना किसी पूर्व सूचना के बिजली बंद कर दी जाती है। रात में भी अघोषित कटौती हो रही है।
उन्होंने कहा कि धान की फसल में बाली निकलने का समय है। इस समय फसल को पानी की सबसे अधिक जरूरत होती है। बिजली की आपूर्ति न होने से किसान सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। दो दिन हुई बारिश से कुछ राहत मिली, लेकिन बिजली कटौती जारी है।
किसानों ने बताया कि उपकेंद्र का सीयूजी नंबर भी हमेशा बंद रहता है। फ्यूज उड़ने और गांवों में ढीले तारों के कारण भी समस्या बनी रहती है। शाम के समय बिजली कटौती होने से बच्चों की पढ़ाई, घरेलू कामकाज और बुजुर्गों को परेशानी होती है। किसानों ने चेतावनी दी कि जल्द अघोषित कटौती बंद नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
48 घंटे बाद सामान्य हुई बिजली
खीरों। पिछले दिनों बारिश के कारण चरमराई बिजली आपूर्ति व्यवस्था रविवार को पटरी पर लौट आई। बारिश के दौरान कहीं पेड़ गिरने तो कहीं तार टूटने से बिजली आपूर्ति बाधित हुई थी। कुछ देर के लिए बिजली आती और फिर चली जाती थी।
कभी 33 केवी तो कभी पाहो, सतांव, देवगांव, मेरुई, कालूपुर, निहस्था और विश्वबैंक फीडर में फॉल्ट आने से आपूर्ति प्रभावित रही। कर्मचारियों ने कड़ी मशक्कत के बाद फॉल्ट ठीक किए। रविवार सुबह 11 बजे से बिजली आपूर्ति सामान्य हो गई।
उपखंड अधिकारी खीरों सत्येंद्र कुमार ने बताया कि बारिश के दौरान कई जगह फॉल्ट आने के कारण बिजली आपूर्ति सामान्य नहीं हो पा रही थी। फॉल्ट ठीक कराकर बिजली बहाल करा दी गई है।