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खाद वितरण में मनमानी पर भड़के किसान, किया हांगामा

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रायबरेली। जिले में इस बार करीब दो लाख किसानों ने एक लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल पर धान की फसल की रोपाई की है। कम बारिश के बावजूद खेतों में धान की फसल लहलहा रही है। किसान अधिक उत्पादन पाने का सपने देख रहे हैैं, लेकिन यूरिया संकट उनके इस अरमान पानी फेर रहा है।
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साधन सहकारी समितियों में खाद का संकट है। कुछ ही प्राइवेट दुकानों पर खाद है, लेकिन निर्धारित मूल्य से अधिक दाम में मिल रही है। सुबह खाद पाने की उम्मीद लेकर घर से निकला किसान शाम को बैरंग घर वापस लौट रहा है। बावजूद अफसर जिले में भरपूर खाद होने का दावा कर रहे हैं।
जिले में खाद की करीब 600 प्राइवेट दुकानें हैं। 166 साधन सहकारी समितियां हैं। मौजूदा समय में किसानों को खाद की जरूरत है, लेकिन कुछ प्राइवेट दुकानों और साधन सहकारी समितियों को छोड़कर बाकी जगह यूरिया का संकट है।
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राही, बछरावां, डलमऊ, सलोन समेत अन्य ब्लॉक क्षेत्रों में खाद न मिलने से किसानों में हाहाकार मचा है। डीह प्रतिनिधि के मुताबिक ब्लॉक क्षेत्र में कुल आठ साधन सहकारी समितियां हैं। इसमें डीह, टेकारी दांदू, पदमनपुर बिजौली, मऊ, संसारी, खेतौधन, पूरे शिवबक्स हैं।
इनमें में यूरिया नहीं होने के कारण किसानों को भटकना पड़ रहा है। सुंदरगंज चौराहे की प्राइवेट दुकान पर मंगलवार को खाद पहुंची तो किसान की लंबी लाइन लग गई। दुकान संचालक पवन अग्रहरि ने राजस्व विभाग के हल्का लेखपाल आलोक सिंह की देखरेख में किसानों को प्रति किसान दो बोरी यूरिया का वितरण निर्धारित मूल्य पर किया।
कमोवेश यही हाल अन्य ब्लॉक क्षेत्रों का है, जहां खाद को लेकर मारामारी मची है। राही ब्लॉक क्षेत्र के साधन सहकारी समिति खागीपुर सड़वा में खाद न होने से क्षेत्र के करीब 10 हजार किसान परेशान हैं।
जिला कृषि अधिकारी रविचंद्र प्रकाश का कहना है कि खरीफ सीजन के अगस्त माह में जिले में यूूरिया का लक्ष्य 40 हजार 387 मीट्रिक टन है। इसके सापेक्ष में अब तक 40 हजार 81 मीट्रिक टन खाद आ गई है। इस बार खाद की मांग अधिक है। इसलिए दिक्कत आ रही है।
खाद की और रैक मंगाई गई है। जल्द खाद की कमी दूर करा दी जाएगी। प्राइवेट दुकानदारों को निर्देश दिए गए हैं कि खाद की प्रति बोरी निर्धारित मूल्य 266.50 रुपये में किसान को दी जाए। अधिक मूल्य लेने पर दुकानदार की शिकायत मिलती है तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
राही ब्लॉक क्षेत्र के साधन सहकारी समिति में बुधवार को खाद वितरण में मनमानी को लेकर किसानों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। हंगामा इतना बढ़ा कि सचिव और अध्यक्ष को समिति में ताला डालकर भागना पड़ा।
अफरातफरी के बीच कुछ किसानों को खाद मिली तो कुछ किसान बैरंग लौट गए। किसानों ने आरोप लगाया कि अध्यक्ष अपने चहेतों को खाद दिला रहा था।
किसान रामलखन, शीतला प्रसाद, रामसजीवन, राजकुमार, सुरेश कुमार, देवीशंकर, अतुल कुमार ने बताया कि एक महीने से किसान यूरिया खाद की किल्लत से जूझ रहे हैं।
समितियों से खाद गायब है। जब खाद आई वितरण में मनमानी शुरू कर दी गई। किसानों ने आरोप लगाया पहले अपने चहेतों को खाद वितरण शुरू कर दिया गया है। वहीं किसानों को आक्रोशित देखकर सचिव रविकांत शुक्ला और अध्यक्ष संदीप कुमार यादव समिति का ताला बंद करके गायब हो गए।
इस संबंध में एडीओ सहकारिता एसपी सिंह ने बताया कि खाद का वितरण ई-पास मशीन से किया जा रहा है। नेटवर्क की समस्या के चलते वितरण में समय लगता है। खाद वितरण किस वजह से बंद किया गया। नेटवर्क की समस्या से यह फिर खाद समाप्त हो गई। जांच कराई जाएगी।
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