कृषि स्नातक बेरोजगारों के लिए हर ब्लॉक में एग्री बिजनेस सेंटर खोले जाएंगे। शहर में ओवरब्रिज के निर्माण से लोगों को जाम से राहत मिलेगी।
लोगों को आने जाने के लिए पक्की सड़कों का तोहफा मिलेगा। बिजली व्यवस्था में भी सुधार आएगा। यही नहीं जिले को स्मार्ट सिटी की सौगात मिलने की किरण दिख रही है।
साथ ही लोगों को भी उम्मीद है कि जिला प्रशासन के अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी उनकी समस्याओं के निस्तारण को लेकर तेजी दिखाएंगे। जिससे जिले में विकास का पहिया तेजी से दौड़ेगा।
वर्ष 2016 में ग्रामीण क्षेत्र में 20 हजार से अधिक गरीबों को छत मिलेगी। इसमें लोहिया और इंदिरा आवास की सुविधा गरीबों को दी जाएगी।
इसके अलावा अन्य आवासीय योजनाओं का लाभ भी गांव के लोगों को मिलेगा। इससे अरसे से खुले आसमान या फिर झोपड़ी में रहने वाले लोगों को पक्की छत नसीब होगी।
इसके साथ ही निर्मल भारत मिशन व मनरेगा से 40 हजार ग्रामीणों को प्रसाधन कक्ष की सुविधा मिलेगी। कानपुर और उन्नाव की ओर से आने वाले बडे़ वाहनों को शहर के बीच से गुजारा जाता है।
इससे राजघाट से लेकर सिविल लाइंस तक जाम की स्थिति बनी रहती है। रेल क्रॉसिंग का गेट ज्यादातर समय बंद रहने से वाहन खड़े रहते हैं।
मामा चौराहे पर निर्माणाधीन ओवरब्रिज के निर्माण का काम पूरा होने बाद पुलिस लाइंस से सीधे शहर के बाहर-बाहर बडे़ वाहनों को निकाला जाएगा। इससे शहर में जाम की समस्या से काफी हद तक निजात मिलेगी।
प्रदेश सरकार की ओर से अमृत योजना में नगर पालिका को शामिल करने से शहर की तस्वीर बदलेगी। नए वर्ष में सीवरेज, पेयजल, सड़क और पार्क की समस्या से राहत मिलेगी।
योजना के तहत 499.34 करोड़ रुपये से सीवरेज योजना का प्रस्ताव भेजा गया है। वहीं 1.63 करोड़ रुपये से पार्क के सुंदरीकरण की रूपरेखा तैयार की गई है।
रायबरेली के स्मार्ट सिटी में शामिल करने की उम्मीदें अभी भी बरकरार हैं। जिले के स्मार्ट सिटी में शामिल होने से विकास की रफ्तार तेज होगी।
वहीं महानगरों जैसी सुविधाएं आम जनता को मिल सकेगी। ट्रैफिक, ई-गवर्नेंस, पेयजल, सड़क आदि व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त होगी।
आरडीए की ओर से गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए 132 नए फ्लैट बनाए जाएंगे। एकता विहार कॉलोनी में निर्माण को लेकर मंजूरी मिल चुकी है।
साथ ही कार्य के लिए टेंडर भी पड़ गए हैं। इसमें गरीबों के लिए एक कमरा, किचन, बालकनी, प्रसाधन कक्ष का निर्माण होगा।
वहीं मध्यम वर्ग के फ्लैट में दो कमरों के साथ अन्य निर्माण होंगे। इसके अलावा अमोल विहार आवासीय योजना में भी फ्लैट का निर्माण होना है। नए साल में ढाई करोड़ की लागत से बने बारात घर भी प्रारंभ हो जाएगा।
कृषि विभाग की ओर से जिले के 21 ब्लॉकों में एग्री बिजनेस सेंटर खोले जाएंगे। इसका लाभ कृषि स्नातक बेरोजगारों को मिलेगा।
कृषि स्नातक बेरोजगारों को उर्वरक का लाइसेंस फ्री में दिया जाएगा। इन सेंटरों पर कृषकों को खाद, बीज व कृषि यंत्र आसानी से मिलेंगे। सेंटर में ही किसानों को कृषि संबंधित तकनीकी जानकारी मुहैया कराई जा सकेगी।
जिले के विद्युत उपभोक्ताओं को नए साल में मल्केगांव ट्रांसमिशन समेत करीब 19 नए बिजली घरों की सौगात मिलेगी। करीब 80 करोड़ से इनका निर्माण कराया जा रहा है।
2016 में ये सभी पावर हाउस ऊर्जीकृत हो जाएंगे। पावर कॉर्पोरेशन की इन परियोजनाओं के पूरे होने के बाद बिजली संकट झेल रहे ग्रामीणों को काफी राहत मिलेगी।
नए साल में जनता को आवागमन की सुविधा भी मिलेगी। पीडब्ल्यूडी और पीएमजीएसवाई के कई प्रमुख मार्ग और ग्रामीण सड़कों का काम इस साल पूरा हो जाएगा।
निर्माणाधीन हैदरगढ़-महराजगंज-रायबरेली का निर्माण पूरा होने की उम्मीद है। वहीं रायबरेली-परशदेपुर रोड भी बन कर तैयार हो गई है।