रायबरेली। सदर तहसील परिसर में आखिरकार छह साल बाद 1.15 करोड़ की लागत के ईवीएम गोदामों का सोमवार को लोकार्पण हो गया। वर्ष 2015 में निर्माण इकाई को पहली किस्त देने के बाद चुनाव कार्यालय के बाबू और अधिकारियों ने साठगांठ करके 58 लाख रुपये का घोटाला कर लिया था। इसी कारण गोदामों के निर्माण का काम पूरा कराने में छह साल लग गए। दोषियों से वसूली करके किसी तरह काम को पूरा कराया गया।
वर्ष 2015 में सदर तहसील परिसर में सभी विधानसभा क्षेत्रों के लिए अलग-अलग ईवीएम रखने के लिए गोदाम बनाने के लिए चुनाव आयोग से 1.15 करोड़ रुपये दिए गए थे। निर्माण इकाई पैकफेड को करीब 60 लाख रुपये की पहली किस्त दी गई थी।
पैकफेड के सहायक अभियंता एके सिंह ने निर्माण के लिए पहली किस्त खर्च करने के बाद दूसरी किस्त की डिमांड की थी तो चुनाव कार्यालय में हुए घोटाले का खुलासा हो गया था।
मामले में मुकदमा दर्ज कराने के साथ ही दोषियों से वसूली कराकर गोदामों का काम पूरा कराया गया। सोमवार को सीडीओ अभिषेक गोयल ने फीता काटकर गोदामों का लोकार्पण किया। अब इन्हीं गोदामों में ईवीएम सुरक्षित रखी जाएंगी।