रायबरेली-ऊंचाहार। जिले की बिजली आपूर्ति पटरी पर नहीं लौट रही है। इससे लोग बेहाल हैं। शाम को अघोषित कटौती और दिन में उपकरणों के फुंकने के कारण बिजली गुल रहती है। मंगलवार सुबह जमुनापुर उपकेंद्र में लगे उपकरण फुंक गए। इससे छह घंटे 50 गांवों की बिजली ठप रही। लोगों को पेयजल संकट से जूझना पड़ा। सिंचाई समस्या के कारण धान की रोपाई का काम ठप रहा।
जमुनापुर विद्युत उपकेंद्र से निकले जमुनापुर, किरवाहार, भीलमपुर व अंबारा फीडर से ईश्वरदासपुर, बाहरपुर, सरांयभान, गोकना, शहजादपुर, कोटिया चित्रा, मखदूमपुर, सैदलीपुर, किसुनदासपुर, रामचंद्रपुर, रामसांडा, दौलतपुर , नजनपुर, पुरनशाहपुर समेत 50 गांवों को आपूर्ति होती है। सुबह सात बजे डलमऊ ट्रांसमिशन से उपकेंद्र को आई 33 केवी बिजली की लाइन में उपकेंद्र में लगे दो अर्थ लीकेज सर्किट ब्रेकर फुंक गए। इससे उपकेंद्र से जुड़े गांवों की बिजली गुल गई।
किसी तरह उपकरणों को बदलकर आपूर्ति शुरू की, तो 33 केवी लाइन में खराबी आ गई। लाइनमैनों की टीम ने खराबी की खोजबीन की। फॉल्ट दुरुस्त करने के बाद दोपहर एक बजे बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी। किसान रामसिंह यादव, महेश तिवारी, अतुल सिंह ने बताया कि बिजली नहीं आने से लोगों को पेयजल संकट से जूझना पड़ा। पानी के बगैर धान की रोपाई का काम ठप रहा। जेई ओमकार सिंह ने बताया कि उपकरण खराब होने से बिजली बंद थी।
रोस्टर के अनुसार नहीं मिल रही बिजली
अमावां। सिधौना विद्युत उपकेंद्र से जुड़े गांवों को महज छह घंटे बिजली मिल रही है। ग्रामीण पुनीत, आकाश, शिवा, रामू, नरेश, नीरज, भानु ने बताया कि 18 घंटे बिजली आपूर्ति का रोस्टर है। रात में कई बार अघोषित कटौती कर दी जाती है। इससे लोगों की नींद उड़ी है। दिन में लाइनों में फॉल्ट रहता है। कुछ मिलाकर महज छह घंटे ही बिजली मिल रही है। ऐसे में धान की रोपाई का काम प्रभावित होता है। जिन लोगों ने रोपाई कर ली है, उनकी फसल सूख रही है। अवर अभियंता अमन कुमार सिंह ने बताया कि अघोषित कटौती ऊपर से की जाती है। लोकल स्तर पर कोई कटौती नहीं होती है।
मांग घटी पर फॉल्ट ने बढ़ाई दिक्कत
बारिश के कारण भले ही बिजली की मांग कुछ कम हुई, लेकिन फॉल्ट से लोगों की दिक्कत बढ़ गई है। बूंदाबांदी के दौरान कहीं इंसुलेटर खराब हो रहे है, तो कहीं डिस्क जल रही है। पिछले दिनों बिजली की मांग 390 मेगावाट पहुंची थी, जो अब घटकर 370 मेगावाट आ गई है। बावजूद इसके उपभोक्ताओं को लो-वोल्टेज से जूझना पड़ रहा है। विद्युत उपकेंद्र कठगर से निकले कठगर फीडर से जुड़े लोगों को लो वोल्टेज की समस्या से जूझना पड़ रहा है। वोल्टेज इतना कम आता है कि सबमर्सिबल पंप भी नहीं चल पा रहे हैं।
करंट की चपेट में आने से बकरियां मरीं
रायबरेली। ऊंचाहार के अलीगंज मोड़ के पास टूटे तार में दौड़ रहे करंट की चपेट में आकर दो बकरियों की मौत हो गई। अलीगंज निवासी रिजवान बानो, अकबरी बानो और अकरम की बकरियां चरते हुए ट्रांसफार्मर के पास पहुंच गई। करंट लगने से रिजवान, अकबरी की एक-एक बकरी की मौत हो गई। अकरम की एक बकरी झुलस गई। ग्रामीणों ने बताया कि टूटे तार को जोड़ने के लिए कर्मचारियों से शिकायत की गई थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इससे लोगों में नाराजगी है।