रायबरेली। राही ब्लॉक क्षेत्र के बेलाभेला ग्राम पंचायत में मनरेगा पार्क की जमीन पर किए गए अवैध कब्जे को मंगलवार को प्रशासन ने हटवा दिया।
कुछ ही देर में बुलडोजर ने अवैध निर्माण को ढहाते हुए करीब एक करोड़ 20 लाख कीमत की जमीन को भूमाफिया से मुक्त करा दिया। इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया। जांच के बाद सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों पर एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।
करीब आठ माह पहले राही ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत बेलाभेला में मनरेगा पार्क बनवाया गया था। यह पार्क कुचरिया-अलावलपुर रोड के किनारे हैै।
पहले मनरेगा पार्क बनवाने के लिए बाउंड्रीवॉल कराई गई। इसी मनरेगा पार्क में दूसरी बाउंड्रीवाल कराकर अलग से गेट लगवा लिया गया। इस तरह मनरेगा पार्क की 10 बिस्वा जमीन पर अवैध तरीके से कब्जा कर लिया गया।
13 जून को अमर उजाला ने मनरेगा पार्क की जमीन पर किया कब्जा शीर्षक से खबर प्रकाशित की तो हड़कंप मच गया। एसडीएम सदर आरके शुक्ला ने राजस्व कर्मियों को जांच करके कार्रवाई करने के निर्देश दिए। एसडीएम ने राही बीडीओ से भी मामला दिखवाने की बात कही। जांच में मामला सही पाए जाने पर कार्रवाई की गई।
दोपहर बाद नायब तहसीलदार बृजेश कुमार, लेखपाल उमेश दीक्षित और भदोखर थाने की पुलिस बुलडोजर के साथ मौके पर पहुंची। इस दौरान बुलडोजर से मनरेगा पार्क पर किए गए अवैध कब्जे को ढहवा दिया गया।
लेखपाल के मुताबिक जिस जमीन से अवैध कब्जा हटवाया गया है, उसकी कीमत करीब एक करोड़ 20 लाख रुपये है। नायब तहसीलदार ने बताया कि अमर उजाला की खबर को संज्ञान में लेते हुए पहले प्रकरण की जांच कराई गई। जांच में मनरेगा पार्क की जमीन पर अवैध कब्जे की बात सही पाई गई तो उसे बुलडोजर की मदद से ढहवा दिया गया।
मामले में दर्ज हो सकती है एफआईआर
तहसील प्रशासन की ओर से अब चिह्नित किया जा रहा है कि मनरेगा पार्क की जमीन पर अवैध तरीके से कब्जा करने वाले लोग कौन हैं। यह तय होने के बाद इन सभी के खिलाफ जल्द एफआईआर भी लिखाई जा सकती है। इसके अलावा बेलाभेला ग्राम पंचायत जितनी भी सरकारी जमीन है, उसकी भी जांच कराई जाएगी कि कहीं उसमें भी अवैध तरीके से कब्जा तो नहीं कर लिया गया है।
राही ब्लॉक क्षेत्र की बेलाभेला ग्राम पंचायत में मनरेगा पार्क की जमीन पर किए गए अवैध कब्जे को बुलडोजर से ढहवा दिया गया है। सरकारी जमीनों पर किसी कीमत पर अवैध कब्जा नहीं होने दिया जाएगा। ऐसा पाए जाने पर संबंधित भूमाफिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
आरके शुक्ला, एसडीएम सदर