रायबरेली। मनरेगा से खड़ंजा निर्माण के नाम पर 92 हजार रुपये के गबन के मामले में सहायक आयुक्त (सहकारिता) व खंड विकास अधिकारी सहित सात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया गया है। मुकदमे में शंकरपुर गांव की प्रधान और अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी को भी शामिल किया गया है। मामले में सीडीओ ने सातों लोगों से वसूली के आदेश भी दिए हैं।
जगतपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत शंकरपुर में मनरेगा योजना ने पूरे दुर्गन गांव में राम मनोहर के घर से छेदीलाल के घर तक खड़ंजा निर्माण का कार्य कराना था, लेकिन प्रधान, सचिव सहित अन्य लोगों ने मिलकर बिना काम कराए गए भुगतान करा लिया था। शिकायत पर सीडीओ के आदेश पर टीम से जांच कराई तो भ्रष्टाचार का मामला उजागर हो गया। तत्कालीन सहायक आयुक्त (सहकारिता) सवींद्र सिंह के पास खंड विकास अधिकारी जगतपुर का चार्ज भी था।
जांच में घपला पकड़ में आने के बाद सीडीओ ने संबंधितों पर मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिए। मामले में खंड विकास अधिकारी राजेश बहादुर सिंह ने कोतवाली में तहरीर देकर तत्कालीन बीडीओ सवींद्र सिंह, तकनीकी सहायक सुरेश बहादुर सिंह, तत्कालीन सहायक लेखाकार (वर्तमान में एआरटीओ कार्यालय में तैनात) गंगा प्रसाद, तत्कालीन कंप्यूटर ऑपरेटर सलाउद्दीन, तत्कालीन अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी राशिद उल मुज्तबा फारूकी, ग्राम प्रधान शांति देवी, ग्राम पंचायत अधिकारी प्रमोद कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया है।
साथ ही 92,217 रुपये के गबन के मामले में वसूली के आदेश भी दिए गए हैं। कोतवाल अमरनाथ यादव ने बताया कि खंड विकास अधिकारी राजेश बहादुर सिंह की तहरीर पर तत्कालीन बीडीओ समेत प्रधान व पांच कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।