शहर के रतापुर निकट बन रही एकता विहार आवासीय कॉलोनी की आवंटित भूमि पर अवैध कब्जेदारों के खिलाफ आरडीए ने कड़ा रुख अख्तियार किया है।
नोटिस के बाद भी कब्जा नहीं हटाए जाने पर मंगलवार को आरडीए के वीसी के निर्देश पर ध्वस्तीकरण अभियान चलाया गया। इसमें तीन स्थानों पर भूमि चिह्नित करते हुए निर्माण ढहवा दिया।
इस दौरान आरडीए एक्सईएन एसके सिन्हा और कब्जेदारों में तीखी नोकझोंक भी हुई। रायबरेली विकास प्राधिकरण (आरडीए) की ओर से रतापुर के निकट लखनऊ-इलाहाबाद से सटा एकता विहार आवासीय कॉलोनी बनाई जा रही है।
आरडीए की ओर से कॉलोनी की आवंटित भूमि के कुछ हिस्सों पर आसपास के लोगों ने कब्जा कर रखा था। इतना ही नहीं उक्त भूमि को अपने में मिलाने के लिए बाउड्रीवॉल तो किसी ने मकान तक बनवा रखा था।
अपराह्न साढ़े तीन बजे एक्सईएन एसके सिन्हा, सहायक अभियंता विश्वनाथ, अवर अभियंता एसके दीक्षित, एके सिंह, एमके शर्मा की अगुवाई में आरडीए टीम पुलिस बल के साथ एकता विहार कॉलोनी पहुंची।
यहां पर सरदार नरेंद्र सिंह, विजय यादव, मुन्ना के निर्माण को बुलडोजर से ढहवा दिया। इस दौरान कब्जेदारों ने विरोध करने की कोशिश, लेकिन पुलिस बल के दबाव के आगे कुछ नहीं कर सके।
एकता विहार कॉलोनी से सटकर आरा मशीन लगी है। आरडीए उस भूमि पर अपना दावा प्रस्तुत कर रही है। टीम जब निर्माण हटवाने पहुंची तो विरोध शुरू हो गया।
मुस्तकीम का कहना है कि उक्त जमीन उसकी है। इस पर आरडीए अफसर कार्रवाई किए बिना लौट गए। आरडीए उपाध्यक्ष ओपी राय ने बताया कि एकता विहार आवासीय कॉलोनी की भूमि पर अवैध कब्जेदारों को हटवाया जाएगा।