रायबरेली। सीबीएसई और यूपी बोर्ड की हाईस्कूल एवं इंटर की परीक्षाएं निरस्त हो चुकी हैं, जिससे मदरसा बोर्ड की परीक्षाओं पर भी संकट के बादल मंडराने लगे हैं। यानी कि मदरसा बोर्ड की परीक्षाओं को भी निरस्त किया जा सकता है। मदरसा बोर्ड को यूपी बोर्ड के फैसले का इंतजार था, जो फैसला ले चुका है। इससे मदरसा बोर्ड का परीक्षाओं के संबंध में जल्दी ही कोई निर्णय सामने आएगा।
जिले में मदरसा शिक्षा परिषद से संचालित मदरसों की संख्या 22 है। हर साल सेकेंड्री (मुंशी/मौलवी) और सीनियर सेकेंड्री (आलिम) की परीक्षा कराई जाती है। इस वर्ष की परीक्षा में 1200 से अधिक छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं।
मदरसा बोर्ड की परीक्षाओं को लेकर जिले में चार परीक्षा केंद्र भी पहले ही बनाए जा चुके हैं। इनमें शहर के वैदिक कन्या इंटर कालेज, जीजीआईसी सलोन और महराजगंज तथा बड़ा कुआं स्थित मदरसा को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। जिस तरह सीबीएसई ने पहले 10वीं और फिर 12वीं की परीक्षाएं निरस्त कीं, उसी तरह यूपी बोर्ड ने भी हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया।
सीबीएसई और यूपी बोर्ड का परीक्षाओं के संबंध में निर्णय सामने आने के बाद मदरसा बोर्ड की परीक्षाओं पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। यह माना जा रहा है कि मदरसा बोर्ड की परीक्षाएं भी निरस्त हो जाएंगी। हालांकि अभी इस संबंध में कोई निर्देश नहीं मिले हैं।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सुनीता देवी का कहना है कि मदरसा बोर्ड की परीक्षाओं के लिए चार परीक्षा केंद्रों का निर्धारण पहले ही किया जा चुका है। परीक्षाएं होंगी या नहीं, इस संबंध में विभागीय स्तर पर अभी कोई निर्देश नहीं मिला है। जैसा उच्चाधिकारियों का निर्देश होगा, उसका अनुपालन कराया जाएगा।