रायबरेली। माध्यमिक शिक्षा परिषद के तय कार्यक्रम के हिसाब से प्रयोगात्मक परीक्षाएं बुधवार से शुरू होंगी, लेकिन ज्यादातर विद्यालयों को अभी तक परीक्षकों के बारे में पता नहीं है। न ही कोई तिथि या समय निर्धारित किया गया है।
डीआईओएस दफ्तर को अब परीक्षकों की सूची और नामावली मिली है। लॉकडाउन के चलते काफी समय तक कॉलेज बंद रहने, ऑनलाइन शिक्षण में आ रही दिक्कतों और भौतिक रूप से कक्षाएं शुरू होने के बाद कोविड-19 के दिशा-निर्देशों का पालन कराने के मद्देनजर प्रायोगिक परीक्षाओं की तैयारियां पूरी नहीं हो पाईं हैं।
यूपी बोर्ड ने सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में प्रयोगात्मक परीक्षाएं कराने को कहा है। साथ ही वीडियो फुटेज सुरक्षित रखने की बात कही है। कोविड-19 के बचाव के संबंध में भी निर्देश जारी किए हैं। प्रयोगात्मक कक्ष एवं आवश्यक उपकरणों को सैनिटाइज करने, गेट पर थर्मल स्क्रीनिंग के साथ ही मास्क लगाने को कहा गया है। सोशल डिस्टेंसिंग के लिए छह फीट की दूरी बनाए रखने को कहा गया है।
प्रैक्टिकल को लेकर छात्र-छात्राओं की तैयारी भी अधूरी है। भौतिक रूप से कक्षाओं के संचालन का पर्याप्त समय न मिल पाने से प्रायोगिक परीक्षाओं की तैयारी नहीं कर पाए हैं। कॉलेजों को परीक्षकों के बारे में पता नहीं है। नामावली अब मिलनी शुरू हुई है।
प्रैक्टिकल की तिथि घोषित होनी शुरू
हरचंदपुर/परशदेपुर। परीक्षकों की तैनाती होने के बाद कॉलेज अपने यहां विषयवार प्रायोगिक परीक्षाओं की तिथियां घोषित करने लगे हैं। हरचंदपुर क्षेत्र के बाल विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में भौतिक विज्ञान की प्रयोगात्मक परीक्षा 7 फरवरी को होगी। प्रधानाचार्य सुनीता सिंह ने बताया कि भौतिक विज्ञान की प्रयोगात्मक परीक्षा में 190 छात्र-छात्राएं शामिल होंगे।
छतोह विकास क्षेत्र के एसडी पांडेय मेमोरियल इंटर कॉलेज डीघा में भौतिक विज्ञान की 6 फरवरी को, गृह विज्ञान की 9 फरवरी को और रसायन विज्ञान की 11 फरवरी को प्रयोगात्मक परीक्षा होगी। प्रधानाचार्य संतोष तिवारी ने छात्र-छात्राओं से तय तिथि पर समय से उपस्थित रहने को कहा है।
बच्चों को प्रैक्टिकल के बारे में पहले से बता दें
जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. चंद्रशेखर मालवीय ने बताया कि यूपी बोर्ड ने परीक्षकों की तैनाती कर दी है, जो विद्यालयों से संपर्क करके पहले से प्रयोगात्मक परीक्षा की तिथि बता देंगे। इसलिए छात्र-छात्राओं को भी पहले से प्रयोगात्मक परीक्षा की तिथि और समय बताने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि कोई परीक्षार्थी प्रैक्टिकल देने से वंचित न रहने पाए। प्रयोगात्मक परीक्षाओं के दौरान कोविड-19 के दिशा-निर्देशों का पालन कराया जाए।