रायबरेली। बारिश में कान में फंगल इंफेक्शन का खतरा बढ़ गया है। जिला अस्पताल के नाक, कान, गला विभाग की ओपीडी में रोजाना 25 से 30 मरीज पहुंच रहे हैं। बुधवार को भी 30 से अधिक फंगल संक्रमण के मरीज पहुंचे। बारिश में सावधानी न बरतने से कान में पानी जाने से पर्दा खराब होने का खतरा रहता है। लापरवाही और सफाई का ध्यान न रखने से कान में दर्द और खुजली की समस्या बढ़ रही है।
जिला अस्पताल के नाक कान गला रोग विशेषज्ञ डॉ. शिव कुमार का कहना है कि कान में फंगल संक्रमण के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। गंदा पानी जाने से कान में फफूंदी और मवाद बनने का खतरा रहता है। बारिश के साथ ही गंदे पानी में कान में जाने और बिना डॉक्टर की सलाह के कान में दवा डालने से यह समस्या बढ़ जाती है।
कान में सरसों का तेल न डालें। इससे फंगल संक्रमण का ज्यादा खतरा रहता है। कान में दर्द व खुजली होना, कान बंद हो जाना, कान से पानी या मवाद आना इसके मुख्य लक्षण हैं। समय से इलाज न कराने से सुनने की क्षमता भी प्रभावित हो सकती है।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. पुष्पेंद्र कुमार ने बताया कि सभी विभागों की ओपीडी में मरीजों के इलाज के लिए पर्याप्त बंदोबस्त हैं। बारिश में कानों में फंगल संक्रमण का खतरा बढ़ा है। ओपीडी में मरीज भी बढ़े हैं। दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।
फंगल संक्रमण से बचें
कान को फंगल संक्रमण से बचाने के लिए बिना परामर्श के कोई तेल न डालें। कान में गंदा पानी जाने से रोकें। स्वीमिंग पूल में नहाने से पहले रूई का प्रयोग करें। समस्या होने पर तत्काल चिकित्सीय सलाह लें।