रायबरेली। कोरोना के संक्रमण से बचाने के साथ ही मरीजों को घर बैठे चिकित्सीय सलाह दिलाने में जिले ने रिकॉर्ड कायम किया है। ई-संजीवनी ओपीडी में एक महीने से प्रदेश में दूसरे पायदान पर कायम रहते हुए अब जिला देश में टॉप-5 में शामिल हो गया है। जिले के 55 कम्युनिटी हेल्थ सेंटरों के माध्यम से 12309 मरीजों को चिकित्सीय सलाह दिलाई गई है।
मार्च महीने से जिले में कोरोना का कहर जारी है। लॉकडाउन के दौरान ओपीडी पूरी तरह से बंद रही। अनलॉक-1 के बाद से मरीजों को घर बैठे चिकित्सीय सुविधा मुहैया कराने का काम शुरू किया गया है। इसके लिए जिले में भी ई-संजीवनी ओपीडी संचालित कराई गई। राज्य स्तर पर चयनित चिकित्सकों के माध्यम से मरीजों को ऑनलाइन चिकित्सीय सेवा मुहैया कराई जा रही है।
जिले के बछरावां, हरचंदपुर, अमावां, राही, सलोन, जगतपुर में चयनित उपकेंद्रों में कार्यरत 55 कम्युनिटी हेल्थ सेंटरों के माध्यम से मरीजों को ऑनलाइन चिकित्सीय सेवा मिल रही है। गांवों में स्थापित उपकेंद्रों पर बनाए गए हेल्थ वेलनेस सेंटरों के माध्यम से इस सुविधा का लाभ मरीजों को दिलाया जा रहा है। जिला कम्युनिटी प्रॉसेस प्रबंधक बृजेंद्र वीसी शुक्ला ने बताया कि जिले में ई-संजीवनी ओपीडी के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
55 उपकेंद्रों में स्थापित हेल्थ वेलनेस सेंटरों के माध्यम से अब तक 12309 मरीजों को चिकित्सीय परामर्श दिलाया गया है। देश के टॉप-5 जिलों में अपना जिला शामिल हो गया है। ई-संजीवनी ओपीडी को और बेहतर करने का प्रयास किया जा रहा है।
देश में पांचवीं व प्रदेश में जिले की दूसरी पोजीशन
जिला राज्य ई-संजीवनी ओपीडी
विल्लुपुरम तमिलनाडु 26458
मधुरई तमिलनाडु 20131
मेरठ उत्तर प्रदेश 15205
तिरुवान्नमलाई तमिलनाडु 14741
रायबरेली उत्तर प्रदेश 12309