मौसम के तीखे तेवर ने कड़ी मेहनत करने वाले अन्नदाताओं की बेचैनी बढ़ी दी है। तेज धूप व लू के कारण सब्जी की फसल खराब हो रही है। सुचारु रूप से सिंचाई न होना इसकी मुख्य वजह बन रही है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि फसल खराब होने की वजह से सब्जियों के दाम बढ़ गए हैं।
ऐसे में सब्जी खाने के लिए लोगों को अधिक जेब खर्च करनी पड़ रही है। जिले में सब्जी की फसल की खेती की बोवाई किसानों ने कर रखी है। चूंकि दो साल से बारिश नहीं हुई है। जलस्तर घट रहा है। ऐसे में अधिकतर नलकूप पानी नहीं दे रहे हैं।
नहरों में भी सुचारु रूप से पानी नहीं छोड़ा जा रहा है। इस वजह से कद्दू, लौकी, लोबिया, खीरा, ककड़ी, तरोई, भिंडी आदि की खेती करने वाले किसान परेशान हैं। पानी बिना इनकी फसल सूख रही है। सिंचाई विभाग के अफसरों की ओर से सिंचाई व्यवस्था के प्रबंध भी नहीं किए जा रहे हैं।
किसानों का मानना है कि हालात यही रहे तो इस बार सब्जी की फसल चौपट हो जाएगी। खीरों ब्लॉक क्षेत्र के मथुराखेड़ा गांव के किसान शिवनरेश, रामगुलाम, देवगांव के रामरतन, पखियाखेड़ा के संतोष कुमार का कहना है कि मौसम की वजह से सब्जियों की फसल सूख रही है।
किराए का पानी लेकर सिंचाई करनी पड़ती है। इससे सुचारु रूप से फसलों की सिंचाई नहीं हो पाती। फसल का नुकसान हो रहा है। जिला कृषि अधिकारी समीश पांडेय का कहना है कि तेज धूप निकल रही है। इस वजह से सब्जियों की फसल में सप्ताह भर में पानी लगाने की जरूरत है।
सिंचाई करने में किसान भाई लापरवाही न बरतें। खेत में नमी रहने से फसल ठीक रहेगी। बिना सिंचाई के जरूर कुछ फसल खराब हुई है, लेकिन इतना नुकसान नहीं हुआ है कि अधिक किसान इससे प्रभावित हो। सिंचाई के लिए नहरों में पानी छुड़वाया जा रहा है।