रायबरेली। जिले के चार टोल प्लाजा पर फास्टैग की 16 लाइनें बनाई गईं हैं। हर टोल प्लाजा पर फास्टैग के लिए चार लाइनें निर्धारित है। इसमें दो लाइनें आने की और दो जाने की हैं। 15 दिसंबर से हाईवे पर बने सभी टोल प्लाजा पर फास्टैग अनिवार्य कर दिया जाएगा। टोल प्लाजा से बिना फास्टैग लगाए निकलने वाले वाहन चालक यदि लाइन बदली तो उन्हें डबल टैक्स देना होगा।
बिना फास्टैग वाहन चालकों को ईधन, समय के साथ-साथ जाम की समस्या से भी जूझना पड़ेगा। यदि वह अपना लाइन रूट बदलते हैं तो डबल टैक्स भी अदा करना पड़ेगा। जिले से निकले दो हाईवे रायबरेली-बांदा और रायबरेली-जौनपुर हाईवे पर चार टोल प्लाजा हैं। अभी यहां पर टोल टैक्स मैनुअल प्रक्रिया से जमा किया जाता है, लेकिन 15 दिसंबर से वाहन स्वामियों के खाते से सीधे टोल जमा होगा।
इसके लिए वाहन स्वामियों को फास्टैग बनवाकर वाहन के सामने वाले शीशे पर लगाना पड़ेगा। फास्टैग के जरिए बिना रुके निर्धारित टैक्स भर सकते हैं। इसे समय-समय पर रीचार्ज भी करना पड़ेगा। जिले में वैसे तो सभी टोल प्लाजा में चार पहिया छोटे और भारी वाहनों को आने-जाने के लिए तीन-तीन लाइन हैं। इसमें फास्टैग के लिए दो लाइनें निर्धारित की गई, जबकि एक कैश लाइन निर्धारित की गई है।
ऐसे में बिना फास्टैग लिए वाहनों की लंबी लाइन लगनी तय है। इससे वाहन चालकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। बिना फास्टैग लिए वाहन चालकों के लिए आने-जाने की दो लाइनें निर्धारित की गई हैं। बिना फास्टैग लिए वाहन चालक फास्टैग लाइन पर जाएंगे तो उन्हें पड़ने वाले टोल टैक्स दोगुना टैक्स देना होगा।
वाहन के सामने शीशे पर लगे टैग को टोल प्लाजा पर लगा कैमरा सर्च कर लेगा। उसी समय वाहन मालिक के अकाउंट से टोल टैक्स कट जाएगा। इसकी सूचना उसे तत्काल मोबाइल पर मैसेज के जरिए मिल जाएगी। फास्टैग से जहां लोगों को सहूलियत मिलेगी, वहीं कैशबैक का भी फायदा मिलेगा। जैसे मोबाइल पर लाइन लाइन रीचार्ज करने पर कैशबैक का लाभ मिल जाता हैं, उसी तरह फास्टैग का प्रयोग करने वाले वाहन मालिकों को भी कैशबैक मिलेगा।
जिले में अलग-अलग हाईवे पर चार टोल प्लाजा बने है। हर टोल प्लाजा पर फास्टैग के लिए चार लाइनें निर्धारित है। इसमें दो आने और दो जाने की है। इस तरह से 16 फास्टैग गेटों को रेडियो फ्रेक्वेंसी आईडेटीफिकेशन डिवाइस (आरएफआईडी) से लैस किया गया है। परियोजना निदेशक पीएस गुसाई ने बताया कि यह एक प्रकार का सेंसर है। इसी डिवाइस के जरिए वाहन पर लगे फास्टैग को रीड करते ही बूम ओपेन हो जाएगा। वाहन चालक को गाड़ी रोकने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
एनएचएआई की ओर से 14 नवंबर से इसका ट्रायल शुरू हो गया है। ट्रायल के दौरान वाहन स्वामियों को जागरूक किया जा रहा है कि वे फास्टैग बनवा लें। सभी टोल प्लाजा पर फास्टैग बनवाने की व्यवस्था की गई है। ऑनलाइन भी फास्टैग बनवाए जा सकते हैं। इसके अलावा एनएचएआई द्वारा भी प्वांइट ऑफ सेट (पीओएस) के माध्यम से फास्टैग बनाने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
विभागीय अफसरों के मुताबिक पंजीकरण केे लिए हर टोल प्लाजा पर काउंटर बनाए गए है। इसमें चार-चार कर्मचारियों को तैनात किया गया है। फास्टैग लेने के लिए वाहन की आरसी और आधार कार्ड की फोटो कॉपी देनी होगी। उन्होंने बताया कि वाहन स्वामी फास्टैग बनवाकर अपने हिसाब से उसे रीचार्ज करा सकते हैं। इसके अलावा कार्यालय में भी फास्टैग बनाने की सुविधा प्रदान की गई है। वाहन स्वामी को किसी प्रकार की समस्या न हो इसके लिए हर समय कर्मचारियों को तैनात रहने के निर्देश दिए गए है।
एनएचएआई के पीडी का कहना है कि यदि किसी कारण वश टोल प्लाजा पर कोई बूम अचानक काम करना बंद करेगा तो इसकी भी व्यवस्था की गई है, ताकि वाहन चालकों को किसी तरह की कोई परेशानी न हो। उनका कहना है कि बूम खराब होने पर दूसरी लाइन से वाहनों को गुजारा जाएगा। उनका यह भी कहना है कि व्यवस्था सुचारु रूप से शुरू होने पर अन्य बची लाइनों से वाहन गुजारने का कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
पंजीकरण कराने की सुविधा चारों टोल प्लाजा के अलावा सभी बैंक शाखाओं में भी उपलब्ध है। वाहन मालिक स्वयं भी ऑनलाइन इस का सुविधा का घर बैठे लाभ उठा सकते हैं। फास्टैग लेन में वाहन घुसाने वाले स्वामियों को टोल टैक्स महंगा पड़ेगा। उनसे टोल प्लाजा के कैश काउंटर पर डबल चार्ज वसूला जाएगा। लोगों को इससे बचाने के लिए फास्टैग लेन पर बड़े शब्दों में अंकन करवा दिया है।
फास्टैग की सुविधा लेने वाले वाहन स्वामियों को चिप को निर्धारित समय पर रिचार्ज कराना होगा। रिचार्ज नहीं होने की दशा में प्लाजा पर वाहन रोक लिया जाएगा। चिप रिचार्ज कराने या फिर कैश भुगतान करने के बाद ही वाहन बैरियर पास कर सकेंगे। टोल प्लाजा पर फास्टैग सुविधा के लिए पंजीकरण कराने वाले लोगों को अपना वाहन साथ लाना होगा।
एनएचएआई के परियोजना निदेशक प्रदीप सिंह गोस्वामी के मुताबिक किसी को हाथ में चिप नहीं दी जाएगी। वाहन नहीं लाने पर इसके दुरुपयोग की आशंका है। पंजीकरण के लिए वाहन स्वामियों को आरसी बुक व आधार कार्ड साथ लाना होगा। पंजीकरण के बाद वाहन स्वामियों को अपना चिप रीचार्ज कराना होगा। वाहन स्वामी 100 रुपये से लेकर अधिकतम राशि तक रीचार्ज करा सकते हैं। यह वाहन स्वामियों पर निर्भर करेगा।
परियोजना निदेशक एनएचएआई प्रदीप सिंह गोस्वामी का कहना है कि वाहन मालिकों को फास्टैग बनवाने में कोई दिक्कत न हो, इसके लिए टोल प्लाजा पर भी लोग इसे बनवा सकते हैं। इसके अलावा एनएचएआई ने भी प्लाइंट ऑफ सेल के माध्यम से फास्ट टैग बनवानी की सुविधा उपलब्ध कराई है। इसके प्रति वाहन चालकों को जागरूक किया जा रहा है। 15 दिसंबर से इसे पूरी तरह प्रभावी कर दिया जाएगा। बेहतर यही होगा कि वाहन चालक फास्टैग का प्रयोग करें।