रायबरेली। लखनऊ मंडल के कमिश्नर मुकेश मेश्राम और आईजी एसके भगत ने रविवार को रतापुर स्थित नवीन गल्ला मंडी का जायजा लिया तो हर तरफ गंदगी का अंबार दिखा। यह देख भड़के कमिश्नर मंडी समिति के सचिव नीरजनाथ को फटकार लगाते हुए कहा कि तुम्हें शर्म नहीं आती। केवल सफाई दे रहे हो। खुद इसमें रात में सोना पड़े तो पता चलेगा।
कहा कि खानपान के वस्तुएं का रेट सही होने चाहिए। बैठे-बैठे काम नहीं होता। 14 घंटे में 16 घंटे काम करो, बाकी सब लोग कार्य कर रहे हैं। समझ में आया। मैं फिर कल निरीक्षण करने आऊंगा। साफ-सफाई ठीक नहीं मिली तो सस्पेंड कर दूूंगा। कमिश्नर की फटकार से हड़कंप मच गया। कमिश्नर और आईजी ने एफसीआई गोदाम का निरीक्षण किया। रजिस्टार मिलान के दौरान छह कोटेदारों की ओर से अनाज उठान नहीं पाया गया।
इस पर कमिश्नर ने सवाल किया कि जब छह कोटेदारों ने गेहूं, चावल का उठान नहीं किया तो उस गांव के लोगों को लॉकडाउन के दौरान खान के लिए अनाज नहीं मिला होगा। इस पर वहां पर मौजूद अफसर ने चुप्पी साध ली। कमिश्नर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एफसीआई के अधिकारियों से अनाज उठान न करने वाले कोटेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही गांवों में जल्द अनाज वितरण सुनिश्चित कराने के लिए कहा।
दोनों अधिकारी नवीन गल्ला मंडी समिति पहुंचे तो हर तरफ लापरवाही ही सामने आई। गल्ला मंडी स्थित गेहूं क्रय केंद्र का अफसरों ने जायजा लिया। मंडी सचिव अधिकारियों को गल्ला मंडी की साफ-सफाई को लेकर गुमराह कर रहे थे। इस पर आईजी एसके भगत को भी गुस्सा आ गया और उन्होंने कहा कि मैं भी किसान का बेटा हूं। आप हमें गुमराह मत करिए। अच्छा है कि काम करिए। कितने किसानों का गेहूं खरीदा गया, इस का ब्योरा जाना। उन्होंने कहा कि क्रय केंद्रों पर किसानों को बेहतर सुविधा दी जाए। उनके साथ किसी तरह की ढिलाई न बरती जाए। किसान पहुंचे तो जल्द उसका गेहूं खरीदा जाए।