जिला अस्पताल में मरीजों को लिखी गई बाहर की दवाएं।
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एक महिला मरीज ने बताया कि उन्होंने दो अलग-अलग पर्चे बनवाएं, लेकिन अस्पताल से कोई दवा नहीं मिली। उन्होंने दवा मांगा तो उन्हें काउंटर पर बैठे स्टाफ ने हड़ककर भगा दिया।
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बताते चलें कि जिला अस्पताल में बाहर की दवा लिखने का सिलसिला लंबे समय से चल रहा है। मरीजों का आरोप है कि यह सब डॉक्टर-फार्मासिस्ट की मिलीभगत से चल रहा है। इससे गरीब मरीज सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।