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कोल्ड स्टोरेज की जमीन पर प्रॉपर्टी डीलरों ने शुरू करा दिया निर्माण कार्य, पुलिस ने कराया बंद

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रायबरेली। शहर के त्रिपुला चौराहा स्थित रायबरेली सलोन कोल्ड स्टोरेज प्राइवेट लिमिटेड के नाम से दर्ज जमीन के मामले की जांच पूरी नहीं हुई कि गुरुवार को प्रॉपर्टी डीलरों ने निर्माण कार्य शुरू करा दिया।
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मामला संज्ञान में आने के बाद डीएम वैभव श्रीवास्तव ने न सिर्फ एसडीएम सदर अंशिका दीक्षित का झूठ पकड़ा, बल्कि प्रकरण को लेकर नाराजगी जताई। फटकार लगाने के बाद एसडीएम को मौके पर जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य बंद कराया।
लखनऊ-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे स्थित इस जमीन की कीमत करीब 14 करोड़ बताई जा रही है। एसडीएम की जांच में खुलासा हुआ था कि फर्जी तरीके से तहसीलदार कोर्ट से जमीन का नामांतरण कोल्ड स्टोरेज संचालक के नाम करा दिया गया।
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इसकी रिपोर्ट डीएम को भेजी गई थी। डीएम ने रिपोर्ट को ओके नहीं किया था। प्रकरण की जांच सही तरीके से कराने के लिए कहा था। बावजूद एसडीएम ने इसे संज्ञान में नहीं लिया। हद तो तब हो गई, जब गुरुवार को प्रॉपर्टी डीलरों ने जमीन हथियाने के चलते उस पर निर्माण कार्य शुरू करा दिया।
मामला डीएम के संज्ञान में पहुंचा तो वह अवाक रह गए। डीेएम ने नाराजगी जताते हुए एसडीएम को मौके पर भेजकर कार्रवाई करने के लिए कहा। एसडीएम के साथ ही पुलिस मौके पर पहुंची और निर्माण कार्य बंद कराया।
डीएम ने एसडीएम का झूठ भी पकड़ा, जब जांच पूरी नहीं हुई तो उन्होंने मामले को संज्ञान में लेते हुए कार्रवाई क्यों नहीं की। मामले की जांच सही तरीके से कैसे नहीं कराई। डीएम की सख्ती के बाद एसडीएम मौके पर पहुंचीं। कुछ देर रुककर जांच की और फिर वापस लौट आई।
सवालों के घेरे में एसडीएम की भूमिका
बेशकीमती जमीन के मामले में एसडीएम सदर की भूमिका सवालों के घेरे में है। सवाल उठ रहे हैं कि कोल्ड स्टोरेज रायबरेली सलोन कोल्ड स्टोरेज प्राइवेट लिमिटेड के संचालक चंद्रशेखर रस्तोगी का कहना है कि उन्होंने जमीन की बिक्री नहीं की है। जब जमीन की बिक्री नहीं की गई तो निर्माण कार्य कैसे शुरू करा दिया गया।
पूरे प्रकरण की जांच भी पूरी नहीं हुई। डीएम ने जांच रिपोर्ट को ओके नहीं किया। इसके बाद भी जांच रिपोर्ट सदर तहसील से सदर कोतवाली भेज दी गई। मौैके पर पहुंची एसडीएम से जब मीडिया कर्मियों ने जमीन से संबंधित जानकारी लेने का प्रयास किया तो उन्होंने कुछ भी बोलने से इंकार किया।
सब मैनेज है, कुछ नहीं होगा, निर्माण कार्य करते रहो
सदर तहसील के अफसरों की सेटिंग-गेटिंग और कमीशनबाजी के चलते प्रॉपर्टी डीलरों के हौसले बुलंद हैं। इसकी बानगी गुरुवार को त्रिपुला स्थित कोल्ड स्टोरेज के जमीन से जुड़े प्रकरण में देखने को भी मिली।
मौके पर कुछ लोगों ने जमीन पर निर्माण कार्य रोकने का प्रयास किया तो वहां पर मौजूद प्रापर्टी डीलर कहते रहे कि तहसील से लेकर पुलिस तक मैनेज कर ली है। कुछ नहीं होगा। निर्माण कार्य करते रहो। हालांकि मामला डीएम के संज्ञान में आने के बाद निर्माण कार्य को रुकवा दिया गया। प्रापर्टी डीलर भी मौके से भाग गए।
त्रिपुला स्थित जमीन के मामले में एसडीएम सदर को मौके पर पहुंचकर जांच करके कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। जमीन से जुड़े पट्टे आदि की जांच कराई जाएगी। जमीन की बिक्री की गई है या नहीं, इसे भी दिखवाया जा रहा है। मामले में जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसी को बख्शा नहीं जाएगा। -वैभव श्रीवास्तव, डीएम
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