रायबरेली। सिंचाई मंत्री स्वतंत्र देव सिंह बृहस्पतिवार को अचानक सिंचाई विभाग पहुंच गए। हर खंड के दफ्तरों में जाकर अभियंताओं व कर्मचारियों की उपस्थिति की जांच की। गैरहाजिर रहने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। खंड छह में पान की पीक देखकर एक्सईएन को फोन पर फटकार लगाई।
सिंचाई मंत्री शाम 4.15 बजे सिंचाई खंड दक्षिणी कार्यालय पहुंचे। कर्मचारियों के कमरे को अंदर से बंद कराकर दस्तावेज चेक किए। एक्सईएन सुशील यादव से सिल्ट सफाई के बारे में जानकारी ली। एक्सईएन ने बताया कि टेंडर प्रक्रिया पूरी करके कई जगह सफाई का काम शुरू करा दिया गया है। करीब 15 मिनट तक बंद कमरे में पूछताछ की।
इसके बाद सिंचाई खंड रायबरेली (शारदा सहायक नहर) पहुंचे। यहां पर उपस्थित रजिस्टर चेक किया। इस दौरान नाम पुकारने पर कई कर्मचारी गैरहाजिर रहे। इसके बाद सिंचाई मंत्री खंड छह पहुंचे। यहां के एक्सईएन सहनावाज सिद्दीकी और तीन में दो सहायक अभियंता गैरहाजिर रहे।
एक्सईएन को फोन मिलाकर पूछा, कहां हो। एक्सईएन ने बताया कि वह नलकूप खंड के डिवीजन में हैं। खिड़की के पास पान की पीक देखकर फोन पर ही एक्सईएन को फटकार लगाई। करीब पौन घंटा निरीक्षण करने के बाद पांच बजे सिंचाई मंत्री लखनऊ के लिए रवाना हो गए।
टेल तक पानी पहुंचना पहली प्राथमिकता
सिंचाई मंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि नहराें में टेल तक पानी पहुंचना पहली प्राथमिकता है। कहा कि सिल्ट सफाई का काम शुरू हो गया है। दिसंबर के पहले सप्ताह से नहरों में पानी छोड़ दिया जाएगा, ताकि किसानों को सिंचाई की समस्या से जूझना न पड़े। उन्होंने कहा कि निरीक्षण में कुछ खामियां मिली हैं, जिन्हें दूर करने के लिए अभियंताओं को निर्देशित किया गया है। बिहार चुनाव के बाबत कहा कि बिहार में भाजपा एकतरफा चुनाव जीत रही है।
चहेते ठेकेदारों को काम देने का आरोप
सिंचाई मंत्री के सामने चहेते ठेकेदारों को काम दिए जाने का मुद्दा उठाया गया। ठेकेदारों ने कहा कि वर्ष 2023-24 में नहरों की सफाई का भुगतान अब तक नहीं किया गया है। इसके लिए अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। सिल्ट सफाई का काम चहेते ठेकेदारों को ही दिया जा रहा है। इस पर मंत्री ने कहा कि टेंडर प्रक्रिया की ऑनलाइन व्यवस्था है। इसमें किसी तरह की गड़बड़ी नहीं की जा सकती है। फिलहाल इसकी जांच कराई जाएगी।