रायबरेली। ट्रेनों पर आए दिन होने वाली पत्थरबाजी की घटनाओं पर अंकुश लगाने और अक्सर होने वाले हादसों को कम करने के मकसद से अब रेलवे ने पटरियों के किनारे बसे गांवों में रहने वाले लोगों का ब्योरा जुटाना शुरू कर दिया है। साथ ही जागरूकता अभियान भी चलाया गया।
शुक्रवार को रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) व राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) की संयुक्त टीम ने बछरावां क्षेत्र के कई गांवों में भ्रमण किया। इस दौरान ट्रैक किनारे बसी आबादी का खाका तैयार किया और निर्धारित प्रारूप पर जानकारी जुटाई।
बछरावां क्षेत्र के सारीखेड़ा, दोस्तपुर, रामपुर, नीम टीकर, बाछूपुर, कसरावां व कन्नावां समेत कई गांवों में जीआरपी थाना प्रभारी सचिन कुमार और आरपीएफ पोस्ट बछरांवा से सुरेश सिंह के साथ पूरी टीम ने भ्रमण किया। ग्रामीणों को जागरूक किया कि ट्रेनों के साथ किसी भी तरह की हरकत करने पर क्या कार्रवाई हो सकती है।
इस दौरान प्रारूप पर जानकारी भी जुटाई। इसमें संबंधित क्षेत्र के थाना प्रभारी, क्षेत्रीय उपनिरीक्षक, बीट सिपाही, लेखपाल, चौकीदार, ग्राम प्रधान, जिला पंचायत सदस्य, बीडीसी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा बहू, पंचायत मित्र आदि के नाम, पते और मोबाइल नंबर दर्ज किए गए।
ट्रैक किनारे बसे गांवों का नक्शा भी तैयार किया गया। इन गांवों में कैसी आबादी रहती है, उनके बारे में भी ब्योरा जुटाया। कितने लोगों के पास मोबाइल हैं और उनके नंबर क्या हैं, इस बारे में भी जानकारी जुटाई गई।
सोशल मीडिया पर सक्रिय लोगों का डाटा संकलित किया गया। जीआरपी थाना प्रभारी ने बताया कि पूरे जिले में यह अभियान चलेगा। अभियान का मकसद सिर्फ जानकारी जुटाना नहीं, बल्कि आम लोगों को जागरूक करना भी है। अभी बछरावां क्षेत्र में अभियान शुरू किया गया है। बछरावां के हर गांव में भ्रमण करने के बाद दूसरे क्षेत्र में टीमें लगाई जाएंगी।