शिवगढ़ सीएचसी में स्वास्थ्य कर्मी चंद रुपयों की खातिर किसी भी हद तक जा सकते हैं। शनिवार को एक स्टाफ नर्स ने महिला का प्रसव कराकर सुविधा शुल्क तो ले लिया, लेकिन इसका विवरण भर्ती रजिस्टर या अन्य सरकारी दस्तावेजों में नहीं दर्ज किया।
नवजात का टीकाकरण न होने पर ग्रामीणों ने हंगामा किया तो इसकी पोल खुली। यह जानकर लोगों का गुस्सा भड़क गया और नारेबाजी व प्रदर्शन कर अफसरों के खिलाफ आक्रोश जताया। कार्यवाहक सीएचसी अधीक्षक डॉ. योगेंद्र सिंह ने टीकाकरण कराया और जांच कराकर कार्रवाई का भरोसा दिया तो लोग शांत हुए।
ब्लॉक क्षेत्र के लालपुर मजरे जड़ावगंज निवासी चंदावती को प्रसव पीड़ा होने पर परिवारीजन शनिवार सुबह सीएचसी लाए थे। यहां उसने एक बच्ची को जन्म दिया। स्टाफ नर्स जन्म के बाद बच्चे को लगने वाले टीके लगाए बिना ही चली गई।
प्रसूता के पति राम सुमिरन ने ड्यूटी पर आई दूसरी स्टाफ नर्स से कहा, लेकिन उसने टीकाकरण करने से इंकार कर दिया। परिवारीजनों से सूचना मिलने पर ग्राम प्रधान संघ अध्यक्ष विनोद सिंह, पूर्व ग्राम प्रधान संघ अध्यक्ष पवन सिंह, सुरेंद्र सिंह, शिवपल्टन दुबे, रामराज सिंह, हरिनारायण समेत अन्य ग्रामीण सीएचसी पहुंचे और जमकर हंगामा किया।
कार्यवाहक सीएचसी अधीक्षक डॉ. योगेंद्र सिंह को इसका पता चला तो उन्होंने जांच की। अधीक्षक को चंदावती का कहीं पंजीकरण ही नहीं मिला। यह जानकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और लोगों ने सीएचसी में जमकर नारेबाजी की।
आरोप लगाया कि सिर्फ प्रसूताओं से वसूली के लिए बिना पंजीकरण किए ही उनका प्रसव कराया जाता है। इसी तरह चंदावती का प्रसव भी कराया गया। प्रसूता के परिवारीजनों से स्टाफ नर्स ने 350 रुपये सुविधा शुल्क भी वसूला, लेकिन टीकाकरण नहीं किया।
इंचार्ज अधीक्षक डॉ. योगेंद्र सिंह ने नवजात का टीकाकरण कराया। साथ ही मामले की जांच कराकर दोषी स्टाफ नर्स के खिलाफ कार्रवाई की बात कही, तो ग्रामीण शांत हुए। उनका कहना है कि मामले की जांच कराई जाएगी।