रायबरेली। जिले में जिला पंचायत से संचालित महराजगंज क्षेत्र के बावन बुजुर्ग बल्ला स्थित गोशाला में दो गोवंश की मौत हो गई। इसके बाद शवों को खुले में फेंक दिया गया। मनमानी पकड़ में आने के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष अवधेश सिंह के निर्देश पर अपर मुख्य अधिकारी जीके सिंह ने मामले की जांच कराई और दोषी मिलने पर गोशाला प्रभारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। नए प्रभारी की तैनाती की गई है।
जिले में जिला पंचायत की ओर से 14 गो संरक्षण केंद्र संचालित हैं। केंद्रों में गोवंशों के संरक्षण के नाम पर बड़ी मनमानी उजागर हुई है। महराजगंज क्षेत्र के बावन बुजुर्ग बल्ला स्थित गो-संरक्षण केंद्रों में दो पशुओं की मौत हो गई। शवों को खुले में ही फेंक दिया गया है। मामला संज्ञान में आने के बाद जिला पंचायत के अध्यक्ष के निर्देश पर अपर मुख्य अधिकारी ने पड़ताल कराई। जांच में गो-संरक्षण केंद्र के प्रभारी राम इकबाल प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए। इस पर अपर मुख्य अधिकारी जीके सिंह ने प्रभारी राम इकबाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित करके इंद्रजीत सिंह को केंद्र के प्रभारी तैनात किया है।
जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी जीके सिंह ने बताया कि गोवंशों को शहर से पकड़कर महराजगंज के बावन बुजुर्ग बल्ला गो-संरक्षण केंद्र में रखा गया था। मौत के बाद दोनों गोवंशों का पोस्टमार्टम कराया गया था। जिसमें उनके पेट से 30-30 किलो पॉलीथिन मिली थी। केंद्र के बगल में हल्का गड्ढा खोदकर शवों को दफनाया गया था। गड्ढे की गहराई कम होने के कारण शव बाहर आ गए थे। मामले में गो-संरक्षण केंद्र के प्रभारी की लापरवाही सामने आने के बाद उसे निलंबित कर दिया गया है। जिला पंचायत की गोशालाओं में गोवंशों को सही ढंग से संरक्षण कराया जा रहा है। कहीं भी लापरवाही सामने आते ही संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
महराजगंज क्षेत्र के बावन बुजुर्ग बल्ला में स्थापित जिला पंचायत के गो-संरक्षण केंद्रों में दो गोवंशों की मौत के बाद शवों को खुले में फेंकने के मामले की जांच की गई है। संबंधित अधिकारियों को गोवंशों को यही ढंग से संरक्षण कराने के आदेश दिए गए हैं। संबंधित केंद्र के प्रभारी को निलंबित किया गया है।- डॉ. गजेंद्र प्रताप सिंह, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी