रायबरेली। डीह थाना क्षेत्र के पूरे पहाड़ मजरे निगोही गांव में इकलौती बेटी की बारात द्वारचार के लिए दरवाजे पर पहुंची ही थी, कि दुल्हन के पिता की अचानक मौत हो गई। देखते ही देखते खुशियां गम में बदल गईं। इसके बावजूद बड़े और बुजुर्गों की सलाह पर कन्यादान की रस्म दुल्हन के चाचा ने निभाकर शुक्रवार सुबह विदाई की।
ससुराल जाने के बाद दुल्हन का वापस लाया गया। इसके बाद पिता का अंतिम संस्कार किया गया। डीह थाना क्षेत्र के पूरे पहाड़ मजरे निगोही गांव निवासी रामबरन यादव (50) की लड़की प्रीति की शादी दरियापुर निवासी कुलदीप से तय की गई थी। गुरुवार शाम बारात आई। रात में द्वारचार के लिए बारात दरवाजे पर पहुंची ही थी कि अचानक रामबरन की तबियत खराब हो गई।
कुछ ही देर बाद रामबरन ने दम तोड़ दिया। देखते ही देखते खुशियां गम में बदल गई। घर में कोहराम मच गया। दुल्हन के चाचा रामनारायण ने शादी की रस्में पूरी कराई और शुक्रवार सुबह बारात विदा हुई। बारात के जाने के बाद रामबरन के शव का अंतिम संस्कार किया गया। इसमें बेटी भी शामिल हुई।