रायबरेली। कोरोना वायरस के खतरे को लेकर जिले में सतर्कता बढ़ा दी गई है। 22 मार्च तक सभी स्कूल-कॉलेज भी बंद कर दिए गए हैं। शासन ने गुरुवार रात वीडियो कांफ्रेंसिंग में दस्तक अभियान में एएनएम और आशाओं को मच्छरजनित रोगों की जगह कोरोना वायरस से लोगों को जागरूक करने के आदेश दिए गए हैं।
इसके लिए शुक्रवार को सभी सीएचसी में एएनएम और आशा बहुओं को प्रशिक्षण दिया गया। गांवों में दस्तक अभियान के तहत लोगों को कोरोना वायरस से जागरूक करने के आदेश दिए गए हैं। गांवों में यह काम 14 मार्च से शुरू करने के आदेश दिए गए हैं। इसके संक्रमण के फलस्वरूप बुखार, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ, नाक बहना और गले में खराश जैसी समस्या उत्पन्न होती है।
यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है, इसलिए इसे लेकर बहुत सावधानी बरतनी जरूरी है। कोरोना वायरस से बचने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। हाथों को साबुन से धोना चाहिए। खांसते और छीकते समय नाक और मुंह रुमाल या टिश्यू पेपर से ढककर रखें। जिन व्यक्तियों में कोल्ड और फ्लू के लक्षण हों उनसे दूरी बनाकर रखें।
अंडे और मांस के सेवन से बचें। जंगली जानवरों के संपर्क में आने से बचें। नोवेल कोरोना वायरस के फैलाव के कारण कक्षा एक से आठ तक के सभी परिषदीय, सहायता प्राप्त, मान्यता प्राप्त तथा अन्य बोर्डों के सभी विद्यालयों में 14 से 22 मार्च तक अवकाश रहेगा। इस संबंध में बेसिक शिक्षा निदेशक डॉ. सर्वेंद्र विक्रम बहादुर सिंह का फरमान मिलने पर जिले में भी आदेश जारी कर दिया गया है।
बीएसए की ओर से खंड शिक्षा अधिकारी मुख्यालय वीरेंद्र कुमार कनौजिया ने देर शाम जारी आदेश में निदेशक के फरमान का हवाला देते हुए कहा कि छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए कक्षा आठ तक के स्कूल 22 मार्च तक बंद रहेंगे। जागरूकता की दृष्टि से विद्यालय में दो प्रमुख स्थानों पर कोरोना वायरस से बचाव संबंधी पोस्टर भी चस्पा कराए जाएंगे। उन्होंने बताया कि आदेशों का कड़ाई से अनुपालन कराने के लिए सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दे दिए गए हैं।
कोरोना वायरस से लोगों को बचाने और जागरूक करने के लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। 22 मार्च तक स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। सभी सरकारी अस्पतालों को अलर्ट किया गया है। अपने-अपने क्षेत्रों में अधीक्षकों को नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।- राम अभिलाष, एडीएम (प्रशासन)